नई दिल्ली: उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर के फटने के बाद मची तबाही के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने बयान जारी करते हुए कहा कि 8 फरवरी की रात 8 बजे तक 26 शव बरामद किए गए हैं. 171 लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें से लगभग 35 लोग सुरंग में हैं, जहां बचाव अभियान अभी भी जारी है.
टनल में फंसे लोगों बचाने का काम जारी
चमोली पुलिस के अनुसार, टनल में फंसे लोगों के लिए राहत एवं बचाव कार्य जारी है। जेसीबी की मदद से टनल के अंदर पहुंच कर रास्ता खोलने का प्रयास किया जा रहा है। अब तक कुल 15 व्यक्तियों को रेस्क्यू किया गया है और अलग-अलग स्थानों से 18 शव बरामद किए गए हैं।आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक कुमार पांडे ने बताया कि हमने दूसरी टनल के लिए सर्च ऑपरेशन तेज़ कर दिया है, वहां लगभग 30 लोगों के फंसे होने की सूचना है। आईटीबीपी के 300 जवान टनल को क्लियर करने में लगे हैं जिससे लोगों को निकाला जा सके। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक 203 लोग इस आपदा में लापता हैं।
मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का लिया जायज़ा
इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत घटनास्थल पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों के लिए सीएम ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिया है। रेस्क्यू टीम वहां बचाव कार्य कर फंसे हुए लोगों को बचाने का काम कर रही है|
तपोवन डैम में फंसे हुए हैं 20-25 लोग
ऋषिकेश से 13-14 किलोमीटर की दूरी पर तपोवन डैम है, जहां पर पानी इकट्ठा हुआ है। तपोवन डैम के सुरंग में काम चल रहा था जिसमें 20-25 लोग फंसे हुए हैं। रेस्क्यू टीम वहां बचाव कार्य कर फंसे हुए लोगों को बचाने का काम शुरू किया। ग्लेशियर टूटने पर वाडिया इंस्टीट्यूट के तीन ग्लेशियर वैज्ञानिकों की टीम सोमवार सुबह तपोवन, जोशीमठ के लिए रवाना होगी। जो ग्लेशियर टूटा है, वहां पर वाडिया की रिसर्च साइट भी है। ऐसा माना जा रहा है कि निर्माणस्थल पर करीब 100 वर्कर थे। जिनमें से 14 के शव नदी से मिले हैं। तलाशी अभियान जारी है।

