कानपूर की अदालत अपनी सजा की फाइल लेकर भागने वाले योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री को आर्म्स एक्ट के तहत एक मामले में एक साल की सजा सुनाई गयी है. ACMM-3 कोर्ट ने राकेश सचान के सरेंडर के बाद यह सजा सुनाई। इसी के साथ उनपर 1500 रुपए जुर्माना भी लगाया गया है. बता दें कि MSME मंत्री राकेश सचान को फरार बताया जा रहा था, हालाँकि वह लगातार इस बात से इंकार करते रहे और कानपूर में ही अपने निवास में मौजूद होने की बात करते रहे. सजा के एलान के बाद मंत्री राकेश सचान को अदालत से ज़मानत भी मिल गयी. राकेश सचान को आर्म्स एक्ट में दोषी करार दिया गया था।
गौरतलब है कि राकेश सचान के खिलाफ कोर्ट के आदेश की कॉपी लेकर फरार होने का आरोप था, उनके खिलाफ कोतवाली ठाणे में कोर्ट की रीडर की ओर से FIR दर्ज करने की तहरीर दी गयी थी, बाद में पुलिस ने उनके खिलाफ अतिरिक्त केस दर्ज किया था. मंत्री महोदय की फाइल के साथ फरारी पर मचे हंगामे के बाद एसीपी कोतवाली को मामले की जांच सौंपी गई। पुलिस के मुताबिक जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उन्हें कोर्ट के सामने रख जाएगा। राकेश सचान भोगनीपुर से विधायक और योगी सरकार में MSME मंत्री हैं. उन्हें आर्म्स एक्ट मामले में दोषी पाया गया है. कोर्ट में सजा के एलान बाद मंत्री पद के साथ ही उनकी विधायकी पर भी तलवार लटक गयी है.
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अदालत से अपनी सजा की फाइल लेकर भागने पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने भाजपा पर हमला बोला था. अखिलेश यादव ने कटाक्ष करते हुए ट्वीट किया था कि भाजपा के मंत्री के साथ-साथ फ़रार आईपीएस को भी ढूँढ लीजिएगा। वहीँ यूपी कांग्रेस ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि अदालत में फैसला आने वाला ही था लेकिन मंत्री महोदय को लगा वो कॉमनवेल्थ के कोर्ट में हैं। इसीलिए वह मेडल लेने को भागने लगे।

