मेरठ। अखिल भारत हिंदू महासभा कार्यालय पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष विनायक दामोदर वीर सावरकर की 139 वीं जयंती मनाई गई। इस दौरान हवन पूजा-पाठ अनुष्ठान मिष्ठान का प्रसाद वितरण किया गया। अशोक शर्मा ने बताया कि विनायक दामोदर सावरकर भारत के महान क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी, समाजसुधारक, इतिहासकार, राष्ट्रवादी नेता तथा विचारक थे। वे एक वकील,राजनीतिज्ञ,कवि, लेखक और नाटककार भी थे। उन्होंने परिवर्तित हिन्दुओं के हिन्दू धर्म को वापस लौटाने हेतु सतत प्रयास किये एवं इसके लिए कईं आन्दोलन भी चलाये।
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सावरकर एक कट्टर तर्कबुद्धिवादी व्यक्ति थे। वह अपने पूरे जीवन काल में सिर्फ और सिर्फ एक राजनीतिक संगठन से जुड़े रहे। जिस संगठन का नाम अखिल भारत हिंदू महासभा है। कार्यक्रम में उपस्थित हिंदू महासभा के प्रदेश प्रवक्ता एवं जिलाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि भारत सरकार से वीर सावरकर के सम्मान में तीन प्रमुख मांगें की हैं। उन्होंने सर्वप्रथम भारत सरकार से मांग की है कि वीर सावरकर को भारत रत्न देकर सम्मानित किया जाए। दूसरी मांग भारत में बनने वाले नए संसद भवन परिसर में वीर सावरकर की एक विशाल अष्टधातु की प्रतिमा स्थापित कराएं। भारतीय मुद्रा पर वीर सावरकर सहित अन्य राष्ट्रवादियों के चित्रों का चित्रण करें।
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कार्यक्रम में उपस्थित हिंदू महासभा के सभी कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि जब देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी वीर सावरकर का इतना सम्मान कर सकती हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई वीर सावरकर को दिन प्रतिदिन स्मरण कर सकते हैं। देश के गृहमंत्री अमित शाह उस पूज्य स्थान को मंदिर बता सकते हैं जहां वीर सावरकर को काले पानी की सजा हुई। तो ऐसे महापुरुष को हम अपने नजरों में ईश्वर का स्थान देने का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से महानगर अध्यक्ष भरत राजपूत जिला प्रभारी, प्रधान पुरुषोत्तम उपाध्याय, सलाहकार एडवोकेट अनुज गुप्ता, आचार्य सुरेश चंद शर्मा, दीपक शर्मा, प्रमोद खन्ना, प्रवीण त्यागी, मीडिया प्रभारी रमेश राणा और प्रचार मंत्री अरविंद शर्मा सहित अन्य हिंदू महासभा के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

