कानपुर की घटनाओं से सीएम योगी नाराज, पुलिस अफसरों पर गिरी गाज

उत्तर प्रदेशकानपुर की घटनाओं से सीएम योगी नाराज, पुलिस अफसरों पर गिरी गाज

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कानपुर की घटनाओं से सीएम योगी नाराज, पुलिस अफसरों पर गिरी गाज

विकास दुबे का प्रकरण समाप्त नहीं हुआ था कि अपहरण और हत्याकांड से सीएम योगी नाराज
4 पुलिस अफसरों पर गिरी गाज, आईपीएस अपर्णा भी शामिल

यूपी में कानपुर की शर्मसार करती घटनाओं को लेकर सीएम योगी खासे नाराज है. विकास दुबे का मामला शांत नहीं था कि 1 महीने से लापता युवक की हत्या से सीएम योगी का पारा बढ़ा दिया है.बर्रा थाना क्षेत्र के सुजीत यादव के अपहरण और हत्या मामले में लापरवाही का दोषी मानते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त कार्रवाई करते हुए आईपीस अफसर सहित कई पुलिसकर्मियों के निलंबन का फरमान सुना दिया है.

किन पुलिसअफसरों पर गिरी गाज
सीएम के निर्देश के बाद शासन से मिली जानकारी के अनुसार जनहित में अपर पुलिस अधीक्षक, दक्षिणी कानपुर नगर, आईपीएस अपर्णा गुप्ता और मनोज गुप्ता तत्कालीन सीओ को निलंबित कर दिया गया है. इसके अलावा लापरवाही बरतने के आरोप में पूर्व प्रभारी निरीक्षक थाना बर्रा रणजीत राय और चौकी इंचार्ज राजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है.

फिरौती की रकम दी या नहीं होगी जांच
यही नहीं अपहरण की घटना में फिरौती के लिए पैसे दिए गए या नहीं? इस संबंध में एडीजी, पुलिस हेडक्वार्टर्स लखनऊ बीपी जोगदंड को तत्काल कानपुर पहुंचकर जांच के लिए निर्देश दिया गया है.

क्या है मामला?
कानपुर के बर्रा से अपहृत लैब टेक्नीशियन संजीत यादव के अपहरण मामले में गुरुवार देर रात बुरी खबर आई है. पुलिस के अनुसार युवक की हत्या की जा चुकी है. पुलिस अभी भी युवक की लाश की बरामदगी नहीं कर सकी है, तलाश जारी है. उधर युवक की मौत की सूचना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पुलिस ने मामले में 5 लोगों को हिरासत में लिया है.बता दें एक महीने से अपहरण के इस मामले में कानपुर पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है. इस किडनैपिंग केस में पुलिस पर आरोप भी लगे हैं कि उसने अपहृत युवक के परिजनों से अपहरणकर्ताओं को 30 लाख रुपए भी दिलवा दिए.

26 या 27 जून को ही हत्या: एसएसपी
एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि बर्रा थाना पर 23 जून को शिकायत दर्ज हुई थी, जिसे 26 को एफआईआर दर्ज की गई थी. 29 जून को फिरौती का कॉल आया. इसे लेकर क्राइम ब्रांच और सर्विलांस सेल की टीम गठित की गई. इस टीम ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है. इसमें उसके कुछ दोस्त और संजीत के साथ अन्य पैथोलॉजी में काम कर चुके लोग शामिल हैं. इनके द्वारा कबूला गया है कि संजीत की इन्होंने 26 या 27 जून को ही हत्या कर दी थी और पांडु नदी में शव को बहा दिया. अलग-अलग टीम गठित करके शव की तलाश की जा रही है. वहीं मोबाइल और मोटरसाइिकल की बरामदगी के लिए भी जानकारी की जा रही है.गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले पुलिस की आंखों के सामने अपहरणकर्ता रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए और पुलिस हाथ मलती रह गई, जिसके बाद एसएसपी कानपुर ने पीड़ित परिवार से मिलकर 4 दिन के भीतर युवक की बरामदगी का भरोसा दिया था. यह अवधि भी बीत गई लेकिन इसमें पूरी तरह फेल रही.

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