हाथरस और लखीमपुर खीरी की बेटी के साथ हुआ अत्याचार भुलाया नहीं जा सकता: अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेशहाथरस और लखीमपुर खीरी की बेटी के साथ हुआ अत्याचार भुलाया नहीं...

Date:


हाथरस और लखीमपुर खीरी की बेटी के साथ हुआ अत्याचार भुलाया नहीं जा सकता: अखिलेश यादव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी सत्तासीन दल बीजेपी पर तीखे हमले कर रही है। ताजा बयान में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि, सत्ता के बल पर अपराधी बेखौफ हो गए हैं। उदाहरणों के तौर पिछले दिनों हाथरस की बेटी और लखीमपुर खीरी की बहन के साथ हुए अत्याचार भुलाए नहीं जा सकते हैं। कई घटनाओं में तो भाजपा नेताओं, पदाधिकारियों के भी हाथ होने की खबरें है। अवैध शराब और अवैध खनन के मामलों में रोक लगाने में भाजपा अक्षम साबित हुई है।

अखिलेश ने आरोप लगाया कि, बुलंदशहर में लोकतंत्र के साथ शर्मनाक मजाक हुआ है। भाजपा सरकार में एक राज्यमंत्री के इशारे पर पीआरओ और पुलिस द्वारा मिलकर शिकारपुर ब्लाक में समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल की संयुक्त प्रत्याशी का अपहरण कर लिया गया।

अखिलेश यादव के मुताबिक, भाजपा राज में जनसामान्य की कहीं सुनवाई नहीं है। सत्ता के संरक्षण में अपराध, लूट और अपहरण की घटनाएं रूकने का नाम नहीं ले रही हैं। मुख्यमंत्री जी का जीरो टॉलरेंस का दावा बस दावा ही बनकर रह गया है। लगता नहीं है कि भाजपा सरकार का सच्चाई से भी कोई रिश्ता है। जनता जिस पीड़ा से गुजर रही है उसकी तनिक भी अनुभूति न होना भाजपा सरकार और इसके नेतृत्व की संवेदनशून्यता का परिचायक है।

केन्द्र व राज्य सरकार की राशन वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि, जगह-जगह मुफ्त राशन बांटने के लिए मोदी जी को धन्यवाद देने वाले मुख्यमंत्री जी को यह नहीं दिखाई देता है कि जनता को राशन मिलने में कितनी कठिनाई हो रही है। कोटेदार घटतौली के सहारे गरीबों का राशन लूट रहे हैं। सत्ता संरक्षण के बगैर यह कैसे सम्भव है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत बरेली में कोटेदारों ने प्रत्येक कार्ड पर एक से दो किलोग्राम तक राशन की घटतौली की। लाभार्थियों को कम राशन देने पर आपश्रि की गई तो उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।

Read also: बसपा-कांग्रेस तय करें लड़ाई किससे है हमसे या भाजपा से- अखिलेश यादव

सपा प्रमुख का दावा है कि, गरीबों के राशन के साथ भाजपा राज में घरेलू अर्थव्यवस्था भी चौपट हो गई है। महिलाओं का घर चलाना दुश्वार हो गया है। सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। रसोई गैस के दामों में तेजी से वृद्धि होने से मध्यम आय वर्ग के लोगों की भी कमर टूट गई हैं। कहा कि, भाजपा सरकार जबसे सत्ता में आई है, तबसे राजनीति में घोर गिरावट नजर आई है। उत्तर प्रदेश में वैचारिक प्रदूषण भी खूब बढ़ा है। जनता के कष्टों का निवारण तो हुआ नहीं उल्टे उसकों मंहगाई और अपराध के दर्द से रोज ही गुजरना पड़ रहा है।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

यूपी के बिजली उपभोक्ताओं को जून में लगेगा करंट, 10% तक बढ़ेगा बिल का भार

मार्च की महंगी बिजली खरीद की कीमत अब चुकाएंगे...

सोशल मीडिया से आतंक की साजिश तक! कासगंज में ATS का शिकंजा, 18 वर्षीय युवक गिरफ्तार

जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध आतंकी के संपर्क में होने...

न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए

जाने माने शायर बशीर बद्र का शुक्रवार को 91...