40 थानों की पुलिस भी नहीं ढूंढ पा रही विकास दुबे को, जांच में आईबी को करना पड़ा शामिल

उत्तर प्रदेश40 थानों की पुलिस भी नहीं ढूंढ पा रही विकास दुबे को,...

Date:


40 थानों की पुलिस भी नहीं ढूंढ पा रही विकास दुबे को, जांच में आईबी को करना पड़ा शामिल

  • कड़ने के लिए एसटीएफ की 20 टीमें, 3 हजार से ज्यादा जवान लगे
  • रविवार तक 75 जिलों की पुलिस उसका सुराग जुटाने में लग गई

अमित बिश्‍नोई

देशभर को हिला देने वाले यूपी के कानपुर में हुए हत्याकांड का मुख्य आरोपी विकास दुबे पुलिस की गिरफ्त से कोसों दूर है. 56 से ज्यादा घंटे बीत चुके है 150 से ज्यादा जगहों पर पुलिस ने रेड की है. फिर भी पुलिस विकास दुबे को पकड़ना तो दूर उसका सुराग तक नहीं लगा सकी है. इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह उठ रहे हैं. लोगों के जेहन में सवाल है कि कैसे कोई इतना बड़ा हत्याकांड करके पुलिस की गिरफ्त से दूर है. यूपी पुलिस का यही रवैया रहा तो अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे.हालांकि पुलिस को अब इंटेलीजेंस ब्यूरो का सहारा लेना पड़ रहा है. 8 अफसर इस अभियान को गति देने के लिए लगाए गए हैं.

विकास के सहयोगियों के तीन वाहन मिले
विकास के एक सहयोगी से तीन गाड़ियों की बरामदगी हुई है, जिन्हें विकास इस्तेमाल करता था. पुलिस को विकास के दाहिने हाथ दयाशंकर को गिरफ्तार करने में भी कामयाबी मिली है.इस बीच ओरैया के दिबियापुर बाईपास पर अज्ञात कार मिलने से सनसनी मच गई है. सदर कोतवाली के एलजी गार्डन गेस्ट हाउस के पास लखनऊ नम्बर वाली की इकोस्पोर्ट कार मिली है. किसी अमित दुबे के नाम रजिस्टर्ड है कार. कानपुर मुठभेड़ कांड में फरार आरोपियों के द्वारा इसका यूज करने का शक है.सदर कोतवाली की पुलिस इसकी जांच कर रही है.


नेपाल भागने का शक
पुलिस को शक है कि विकास नेपाल भी भाग सकता है, इसके चलते सीमा पर भी सर्चिंग कड़ी कर दी गई है. एसएसबी की भी कई टीमों की तैनाती की गई है. संबंधित इलाकों में विकास के पोस्टर भी लगवाए गए हैं.

भेष बदलने में है माहिर
उत्तर प्रदेश के कानपुर शूटआउट का मुख्य आरोपी विकास दुबे आज तक कभी भी टॉप-25 अपराधियों की सूची में नहीं रहा. आज स्थिति यह है कि उसे 75 जिलों की पुलिस तलाश रही है. एक रात में ही दुबे यूपी का मोस्ट वॉन्टेड अपराधी बन गया है. जानकारों का कहना है कि विकास मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता है.ऐसे में यदि वह बिना मोबाइल कहीं चला गया तो उसे पकड़ना आसान नहीं होगा. दूसरी आशंका उसके भेष बदलने की है.विकास के मिजाज को जानने वाले कहते हैं कि वह भेष बदल किसी दूसरे प्रदेश में खेतों में मजदूरी या चने बेचने जैसे काम भी कर सकता है.

कौन है विकास दुबे?
उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारने वाला हिस्ट्रीशीटर अपराधी है. विकास दुबे में 60 से ज्यादा मुकदमें दर्ज हैं. उसका आपराधिक इतिहास रहा है. उसकी हर राजनीतिक दलों में कड़ी पैठ रही है.वह अपने किले जैसे घर में बैठकर बड़ी-बड़ी वारदातें करवा देता था.

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related