लखनऊ। यूपी में कोरोना संक्रमण के चलते एक लंबे अर्से से बंद स्कूल आज खुल गये। कुछ सकुचाते-सहमते तो कुछ हंसते-खिलखिलाते बच्चे जब बुधवार को स्कूल पहुंचे अध्यापकों ने उनका आत्मीयता से वेलकम किया। इस बीच यूपी सरकार का अध्यापकों से आग्रह है कि हर हाल में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराया जाना चाहिये। गौर हो कि, कोरोना की दूसरी लहर के बाद सूबे में पहली से पांचवीं कक्षा तक के स्कूल बुधवार से शुरू हो गये हैं।
योगी सरकार ने स्कूलों में बच्चों को कोविड से बचाने के लिए अवश्यक नियमों का सख्ती से पालन कराने को कहा है। स्कूली बच्चों के लिए स्कूलों में साफ-सफाई के सभी आवश्यक इंतजमात किए गये हैं। पहले दिन छात्र-छात्राओं में काफी उत्साह देखने को मिला, जबकि अभिभावकों में अभी भी डर बना हुआ है।
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोविड संक्रमण के कारण बीते सात महीनों से बंद स्कूल एक सितंबर से फिर प्रारम्भ हो रहे हैं। बेसिक शिक्षा परिषद के लगभग 1 करोड़ 80 लाख छात्र-छात्राओं को इस साल स्कूल बैग, स्कूल ड्रेस जूता-मोजा और स्वेटर के लिए नकद धनराशि दी जानी है। बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों के संचालन की पूरी व्यवस्थाएं करने का इंतजाम कर रखा है।
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मालूम हो कि इससे पहले कोरोना की पहली लहर के थमने पर एक मार्च से स्कूलों का संचालन तो हुआ पर, मार्च के दूसरे सप्ताह से ही कोरोना की दूसरी लहर के जोर पकडऩे के बाद ही स्कूलों को बंद कर देना पड़ा था। सूबे में कोरोना काबू में आ जाने पर अब सीएम ने सभी विद्यालयों में 23 अगस्त से कक्षा 6 से 8 और एक सितंबर पहली से पांचवीं कक्षाओं की शुरूआत कर देने की हिदायत दे रखी है। यूपी में 24 अगस्त से 6वीं से 8वीं तक कक्षाओं को पहले ही खोला जा चुका है।

डायरेक्टर बेसिक एजुकेशन सर्वेन्द्र विक्रम सिंह के मुताबिक, कक्षाओं को चलाने के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों को कोविड से बचाने वाले सभी उपाय अपनाने होंगे। अगर कोई आपात स्थिति आती है तो तुरंत पास के स्वास्थ्य केंद्र को फोन करें और इलाज का इंतजाम किया जाय।

