नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA ) को लेकर असम में भारी घमासान छिड़ गया है। सोमवार को CAA नियमों को अधिसूचित किये जाने के बाद से असम की 16-पक्षीय संयुक्त विपक्षी मंच (UOFA ) ने इसके खिलाफ राज्यव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। बारपेटा, लखीमपुर, नलबाड़ी, गुवाहाटी, कामरूप, गोलाघाट, डिब्रूगढ़ और तेजपुर समेत असम के विभिन्न हिस्सों में नागरिकता संशोधन अधिनियम की प्रतियों को जलाया गया और विरोध रैलियों का आयोजन हुआ।
गुवाहाटी पुलिस ने हालात की गंभीरता को देखते हुए उन सभी संगठनों को कानूनी नोटिस जारी किया है जिन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में राज्यव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। गुवाहाटी पुलिस ने कहा कि अगर नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में बुलाई गयी हड़ताल से सार्वजनिक या निजी संपत्ति को कोई नुकसान हुआ या किसी भी नागरिक को चोट पहुंची तो आंदोलनकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को ही आंदोलन करने वालों को नागरिकता खोने की चेतावनी दी थी. सरमा ने कहा था कि विरोध के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए, सड़कों पर विरोध प्रदर्शन से उनको कुछ नहीं मिलने वाला। सरमा ने कहा था कि अगर कोई राजनीतिक दल अदालत के आदेश को नहीं मानता है, तो उसका नागरिक पंजीकरण रद्द किया जा सकता है। बता दें कि बीते सोमवार को केंद्र ने नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के नियमों को अधिसूचित कर दियाCAA के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से बिना दस्तावेज वाले अल्संख्यक प्रवासियों के लिए नागरिकता का मार्ग प्रशस्त किया है।

