लखनऊ। यूपी के 2022 विधानसभा चुनाव (2022 Assembly Elections) के बाद अब बसपा के अस्तित्व को लेकर ही सवाल खड़े होने शुरू हो गये हैं। 403 विधानसभा सीटों पर लड़ने के बाद बसपा को मात्र एक सीट पर जीत मिली है। वोट परसेंट भी काफी नीचे 13 फीसदी पर आ गया है। कभी देश के सबसे बड़े सूबे की सबसे बड़ी पार्टी और राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने वाली बसपा अपने सबसे बड़े जनाधार वाले प्रदेश यूपी में कई सीटों पर जमानत तक नहीं बचा पाई। इसके बाद मायावती के नेतृत्व और उनके सलाहकारों व रणनीतिकारों पर सवाल खड़े होने शुरू हो गये हैं। बसपा के आलोचकों के निशाने पर लगातार रहने वाली मायावती पर अब हमले और तेज हो गये हैं। इन सबके बीच मायावती हार को लेकर समीक्षा बैठकों का दौर शुरू किया है। इस बार सबसे अलग बात यह है कि मायावती समीक्षा बैठकों के साथ ही मीडिया को भी संबोधित करेंगी। रविवार को मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाई है, जिसमें वो हार की समीक्षाओं की रिपोर्ट सौंपेंगी। मायावती ने इस बार सभी मीडिया को आमंत्रित किया है। आमतौर पर वो सिर्फ एएनआई को ही बुलाती रहीं हैं। कहा जा रहा है कि मायावती की समीक्षा बैठकों की गाज कई दिग्गजों पर गिर सकती है।
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ले सकती हैं ये बड़े निर्णय
समीक्षकों और आलोचकों के निशाने पर बने रहने के बाद अब पार्टी के गिरे ग्राफ को लेकर मायावती की चिंतायें बढ़ गईं हैं। इसको देखते हुए दावा किया जा रहा है कि मायावती (Mayawati) कई दिग्गजों का कद पार्टी में घटा सकतीं हैं। इतना ही नहीं लगातार मिलने वाली शिकायतों के आधार पर कई नेताओं को बाहर का रास्ता भी दिखा सकतीं हैं। सूत्रों ने बताया कि मायावती बूथ स्तर के नेताओं से फीडबैक ले रहीं हैं। जिसमें यह निकलकर सामने आया है कि बड़े नेताओं का उन्हें सहयोग नहीं मिला है। ऐसे नेताओं के खिलाफ मायावती कड़ा एक्शन लेंगी। साथ ही प्रत्याशियों से भी मायावती ने फीडबैक मांगा है, जिसमें उनसे कहा गया है कि चूक कहां हुई है, इसका ब्यौरा दें।
पुराने नेताओं की वापसी के खुल सकते हैं द्वार
माना जा रहा है कि लगातार करारी हार के बाद अब मायावती पुराने नेताओं के लिए बसपा का द्वार खोल सकतीं हैं। सूत्रों ने बताया कि कई बड़े नेताओं से संपर्क साधा गया है। इसके अलावा दूसरे नेताओं को भी लाइनअप किया जा रहा है। मायावती एक बार फिर पुराने समीकरणों पर लौट सकतीं हैं। इसके लिए भी नेताओं की बातचीत चल रही है।
आकाश को यूपी में कर सकतीं हैं सक्रिय
सूत्रों का दावा है कि मायावती अपने भतीजे आकाश आनंद को यूपी में भी सक्रिय कर सकतीं हैं। कयास लगाये जा रहे थे कि यूपी चुनाव के दौरान ही आकाश को लॉन्च किया जा सकता है। लेकिन, उन्हें पंजाब और उत्तराखंड तक सिमित रखा गया था। लेकिन, यूपी में लगातार बदल रहे घटनाक्रमों के बीच आकाश को यहां पर सक्रिय किया जा सकता है।
काडर होगा शुरू?
बसपा काडर बेस कार्यकर्ताओं की पार्टी रही है। लेकिन, पिछले कुछ सालों में लगातार काडर की अनदेखी की गई। कार्यकर्ताओं की इस नाराजगी को दूर करनके लिए मायावती काडर का फिर से शुरू कर सकती हैं और नये सिरे से पार्टी को खड़ा करने की कोशिश करेंगी।
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कुछ को मिल सकता है इनाम
ऐसा माना जा रहा है कि मायावती (Mayawati) कुछ नये चेहरों को इनाम भी दे सकतीं हैं। जो 2022 के चुनाव में पूरे मनोयोग से लगे रहे। सूत्रों का दावा है कि पार्टी से बाहर चल रहे पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जय प्रकाश सिंह की बड़ी जिम्मेदारी के साथ वापसी हो सकती है तो वहीं सुप्रीम कोर्ट की वकील सीमा समृद्धि कुशवाहा को भी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसके अतिरिक्त कई और चेहरों को भी इनाम दिया जा सकता है।

