बांदा। विधानसभा चुनाव- 2022 ( Assembly Election 2022) के सभी चरणों का मतदान संपन्न हो चूका है और अब सबकी निगाहें 10 मार्च पर है। सभी पार्टियां अपना झंडा लहराती नजर आ रही है पर 10 मार्च ही कुर्सी की असली दावेदारी बताएगा। वाराणसी में ईवीएम पकने जाने की सूचना के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यछ अखिलेश यादव के निर्देशानुसार भारी संख्या में सपाई मतगढना स्थल पहुँचे और ईवीएम की निगरानी का जिम्मा उठाया । सपाइयों के जमावड़े की जानकारी होते ही पुलिस व प्रशाशनिक अधिकारी, पुलिस बल लेकर मौके पर पहुँचे और सपाइयों को आश्वस्त कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान सपाइयों और अधिकारियो के बीच तीखी नोकझोक भी हुई । वही प्रशासनिक अधिकारियों के जाने के बाद सपाइयों ने मतगढना स्थल गेट के बाहर फर्स बिछाकर बैठते हुए रात दिन ईवीएम की निगरानी करने बैठ गए।
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मामला बाँदा शहर के मंडी समिति गेट के बाहर का है जहाँ स्टांग रूम में ईवीएम को रखा गया गया है और लगभग 24 घंटे बाद 10 मार्च को यहाँ मतगढना संपन्न होगी । बतादें की बनारस में ईवीएम पकड़े जाने की सूचना के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यछ अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओ से ईवीएम की निगरानी(EVM monitoring) के निर्देश दिए हैं, जिसका पालन करते हुए लगभग एक सैकड़ा सपाई मतगढना स्थल गेट के बाहर पहुँच गए । इसकी सूचना मिलते ही एडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी भी पुलिस फोर्स लेकर मौके पर पहुँच गए जिसपर बातचीत के दौरान सपाइयों ने मतगढना स्थल में वाहनों को बिना चेकिंग प्रवेश का मुद्दा उठाया जिसपर अधिकारियो द्धारा उन्हें आश्वस्त करने का प्रयास किया गया ।
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जहाँ सपाई बनारस में ईवीएम पकड़ी जाने की सूचना और अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के निर्देशों का हवाला देते नजर आये तो वहीं अधिकारियो द्धारा उन्हें पारदर्शिता का आश्वासन देते हुई घर वापसी को कहा गया । लेकिन सपाई मताधिकार को बचाने और ईवीएम की निगरानी कर पहरेदारी करने की बात कहते रहे । प्रशासनिक अधिकारों और सपाइयों के बीच बातचीत के दौरान नोकझोक भी देखने को मिली । अधिकारियो के जाने के बाद सपाइयों ने मतगढना स्थल गेट के बाहर फर्स बिछाकर ईवीएम की पहरेदारी शुरू कर दी जो की 10 मार्च तक चलेगी ।

