यूपी चुनावी दंगल 2022: क्या इस बार मेरठ की इन तीन सीटों पर सपा की हसरत पूरी हो पाएगी!

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यूपी चुनावी दंगल 2022: क्या इस बार मेरठ की इन तीन सीटों पर सपा की हसरत पूरी हो पाएगी!

मेरठ। यूपी चुनावी दंगल 2022 – सपा के प्रदेश में गठन के बाद से मेरठ की सभी विधानसभा सीटों पर पार्टी अपने उम्मीदवार उतारती रही है। लेकिन आज मेरठ की तीन विधानसभाएं ऐसी हैं जहां से आज तक सपा का कोई उम्मीदवार नहीं जीत हासिल कर सका। ये तीन विधानसभा सीटें हैं मेरठ दक्षिण,मेरठ कैंट और मेरठ की सरधना विधानसभा सीट। इन तीनों विधानसभा सीटों पर अखिलेश यादव की साइकिल दौड़ने से पहले ही पंचर होती रही है। इस बार इन सभी सीटों पर सपा और रालोद गठबंधन करके चुनाव मैदान में है। हर चुनाव की तरह इस बार भी लोगों को एक सवाल परेशान कर रहा है क्या इन तीनों विधानसभाओं में साइकिल दौड़ेगी और नल से पानी निकलेगा। मेरठ की सरधना सीट पर पिछले दो बार से सपा के अतुल प्रधान प्रयास करते रहे हैं। लेकिन वे एक बार भी चुनाव जीतने में सफल नहीं सके। इस बार उनके साथ रालोद का भी साथ है। इसलिए दावेदारी प्रबल मानी जा रही है। वहीं मेरठ कैंट को भाजपा की छपरौली कहा जाता है।

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90 के दशक में जब से भाजपा ने कांग्रेस से यह सीट छीनी है उसके बाद से उसके सामने किसी दूसरी पार्टी का उम्मीदवार नहीं टिक सका। हालांकि 2017 के चुनाव में बसपा से चुनाव लड़े सुनील वाधवा ने भाजपा प्रत्याशी को कड़ी टक्कर दी थी। लेकिन वे भी दूसरे नंबर पर रहे थे। इस बार इस सीट से रालोद की उम्मीदवार मनीषा अहलावत चुनाव मैदान में है। मनीषा अहलावत पूर्व विधायक चंद्रवीर सिंह की बेटी हैं। लेकिन कैंट सीट पर कभी रालोद का जनाधार नहीं रहा। वैश्य बाहुल्य यह सीट रालोद के प्रत्याशी के खाते में जाए इसके लिए गठबंधन प्रत्याशी को कोई चमत्कार करना होगा। जिससे कि कैंट के मतदाता इनको वोट कर सकें। मेरठ में सात विधानसभाओं में सपा को किठौर के मतदाताओं ने सिर माथे बैठाया है। यहां से लगातार तीन बार शा​हिद मंजूर चुनाव जीतने में सफल रहे हैं। वहीं शहर सीट पर भी 2017 में सपा का कब्जा रहा था।

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2012 में सिवाल खास भी सपा के पास रही थी। यहां से सपा के गुलाम मोहम्मद चुनाव जीते थे। 2017 में वे चुनाव हार गए थे। 2017 में सपा किठौर सीट भी गंवा बैठी थी। बात दक्षिण विधानसभा की करें तो यह विधानसभा सीट इस समय भाजपा के कब्जे में हैं। दक्षिण विधानसभा नए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। इसके अलावा हस्तिनापुर से भी सपा दो बार चुनाव जीत चुकी है। 2017 में यहां पर सपा के प्रभुदयाल वाल्मीकि प्रत्याशी बनाए गए थे जो कि दूसरे नंबर पर रहे थे। हस्तिनापुर से भाजपा के दिनेश खटीक चुनाव जीते थे।

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