By: Dheeraj Upadhyay
लखनऊ: UP chunav election news – उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अब तीसरे चरण में प्रवेश करने जा रहा है। इस चरण में 20 फरवरी को यादव लैंड के साथ बुंदेलखंड (Bundelkhand) की सीटों पर भी मतदान होगा। बतादे कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2017 में क्षेत्र की सभी 19 सीटों पर जीत हासिल कर क्लीन स्वीप किया था और विपक्ष का यहाँ खाता भी नहीं खुला सका था।
Read also: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करती दिखाई दे रही भाजपा : सर्वे
प्रथक बुंदेलखंड की मांग चुनावों से पहले हमेशा उठती रही है लेकिन इस बार इस मुद्दे पर सभी दल खामोश है। बुंदेलखंड यूपी का एक पिछड़ा क्षेत्र माना जाता है। इसके अविकसित होने का कारण इस क्षेत्र में असामान्य वर्षा और जल स्तर की कमी है, जिसके चलते यहाँ पीने और सिंचाई के पानी की कमी हो जाती है। हालांकि क्षेत्र में विकास में तेजी लाने के योगी सरकार ने बुंदेलखंड विकास बोर्ड (BDB) की स्थापना की है। बीडीबी के सदस्य पवनपुत्र बादल के अनुसार “बुंदेलखंड में पानी की समस्या से छुटकारा पाने के लिए 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की पेयजल और सिंचाई परियोजनाएं चल रही हैं।” बादल ने कहा, “इस क्षेत्र को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने वाले 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे सहित 30,000 करोड़ रुपये की अन्य विकास योजनाओं पर भी काम चल रहा है।”
गौरतलब है कि भाजपा ने चुनावों के मद्देनजर अपना ध्यान बुंदेलखंड पर केन्द्रित किया है यही कारण है कि बजट 2022 में वितमंत्री ने केन-बेतवा नदी-जोड़ने की परियोजना के कार्यान्वयन के लिए 1,400 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो मध्य प्रदेश में केन नदी से अधिशेष पानी उत्तर प्रदेश के सूखाग्रस्त बुंदेलखंड क्षेत्र की सिंचाई के लिए लाएगा। वहीं मोदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ 19 नवंबर को महोबा और झांसी जिलों में 6,250 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया था।
भाजपा 2022 चुनाव में भी अपना पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहती है हालांकि इस बार उसे सपा से कड़ी चुनौती मिल रही है। सात जिलों में फैले बुंदेलखंड में दो चरणों में मतदान होना है – झांसी, जालौन, ललितपुर, हमीरपुर और महोबा जिलों की 13 सीटों पर तीसरे चरण में 20 फरवरी और चित्रकूट व बांदा जिलों की छह सीटों पर चौथे चरण में 24 फरवरी को मतदान होगा।
Read also: प्रियंका गांधी ने लालू यादव के सहारे भाजपा पर साधा निशाना
जहां 2017 में सभी 19 सीटें भाजपा के खाते में गयी थी तो 2012 में बसपा ने बुंदेलखंड की 7 सपा ने 5 और कांग्रेस ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की थी। बुड़ेलखंड इस बार किसका साथ देता है यह तो 10 मार्च को ही पता चलेगा लेकिन सभी दल यहाँ एड़ी-चोटी का ज़ोर लगा रहे यह तय है।

