भोले बाबा के दो और सेवादारों की गिरफ्तारी के साथ ही हाथरस भगदड़ की घटना में मुख्य आरोपी मधुकर समेत अबतक कुल 11 गिरफ्तारियां हो गई हैं। हाथरस भगदड़ में 2 जुलाई को 121 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस अधीक्षक निपुण अग्रवाल ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि दोनों सेवादारों को रविवार देर रात हाथरस रेलवे स्टेशन से उस समय पकड़ा गया, जब वे ट्रेन में चढ़ने वाले थे। सेवादार दुर्वेश (42) और दलवीर (25) मैनपुरी के मूल निवासी हैं।
एसपी अग्रवाल ने यह भी बताया कि घटना के समय दोनों भगदड़ स्थल पर मौजूद थे और सेवादार के तौर पर काम कर रहे थे। वे वर्दीधारी कर्मचारियों में से थे, जिन्होंने बाबा की पूजा करने के लिए जुटी भीड़ को धक्का देकर रोकने की कोशिश की थी। जब भगदड़ में लोगों की मौत होने लगी तो दोनों घटनास्थल से भाग गए। इस मामले में शुरुआत में छह लोगों को पकड़ा गया था, जबकि शुक्रवार और शनिवार को मुख्य आरोपी समेत तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया। हाथरस एसपी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी, तलाशी और छापेमारी में पुलिस टीमें लगी हुई हैं।
टिकैत ने कहा, सेवादारों की गिरफ़्तारी से कोई फायदा नहीं
इस बीच, भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत आज हाथरस पहुंचे और पीड़ित परिजनों से मुलाकात की तथा सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव फुलराई मुगलगढ़ी में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर अपनी संवेदना व्यक्त की। पत्रकारों को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि सेवादारों के खिलाफ कार्रवाई करने से कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने कहा, “इन परिवारों को सबसे ज्यादा आर्थिक मदद की जरूरत है और प्रत्येक मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए।” मृतकों के परिजनों से मिलने के बाद टिकैत ने कहा कि सिकंदराराऊ में जो कुछ भी हुआ, वह एक दुर्घटना थी।

