कोरोना के मामलों मे केरल में तेजी से इजाफा हो रहा है। इसी को देखते हुए कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए केरल सरकार ने 31 जुलाई और 1 अगस्त को राज्य में संपूर्ण लॉकडाउन लगाने का एलान किया है। केंद्र की तरफ़ से राज्य सरकार की मदद के लिए एक विशेषज्ञों की टीम भेजी है
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की माने तो केरल में ईद के त्योहार ने ‘सुपर स्प्रेडर’ का काम किया है और जिसके लिए उन्होंने राज्य सरकार को एक पत्र लिखा। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि कोरोना के नियमों का सख्ती से पालने होना जरूरी है। फेस्टिवल/समारोह इन चीज़ो के दौरान कोरोना के नियमों की अनदेखी होती होती है जो नही होनी चाहिये नियमो का सख्ती से पालन होना चाहिये जिससे महामारी पर काबू पाया जा सके। हम आप सभी को बताना चाहेंगे केरल सरकार ने ईद के फेस्टिवल के समय राज्य में लॉकडाउन में कुछ ढील दे दी थी, जिसको सुप्रीम कोर्ट ने भी सही नही बताया था ।
केरल में कोरोना संक्रमण के मामलों में एक दम से वृद्धि देखने को मिल रही है। केरल में बढ़ते कोरोना मरीजों को देखते हुए केंद्र सरकार ने छह सदस्यीय टीम केरल भेजी है। विशेषज्ञों की यह टीम राज्य सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर कोरोना वायरस पर काबू पाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने यह जानकारी साझा की ।
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हम आपको बता दें कि केरल मेंर बुधवार को कोविड-19 के 22,056 नए मामले आए, जिससे कुल मामलों की संख्या बढ़कर 33,27,301 हो गई। राज्य में अब अभी ऐक्टिव मरीजों की संख्या 1,49,534 है |
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केरल में मलप्पुरम में 3931 केस त्रिशूर में 3005 केस, कोझिकोड में 2400 केस, एर्नाकुलम में 2397 केस, पलक्कड़ में 1649 केस, कोल्लम में 1462 केस, अलाप्पुझा में 1461 कोरोना संक्रमित, कन्नूर में 1179 संक्रमित, तिरुवनंतपुरम में 1101 केस और अंत मे कोट्टायम में 1067 मामले आए हैं।

