मेरठ। दिल्ली मेरठ के बीच चलने वाली रैपिड रेल चलाई जाने के लिए जहां एक तरफ लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। तो वहीं दूसरी तरफ रैपिड रेल के स्टेशन तैयार किए जाने की कवायद भी तेज हो गई है। जिसके चलते पहले फेस में रैपिड रेल के साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किलोमीटर लंबे रुट पर पहले फेस में ट्रायल रन होना है। इसलिए उससे पहले रैपिड रेल के स्टेशन और लाइन बिछाने वह अन्य कार्यों की गति तेज हो गई है।
इसी कड़ी में साहिबाबाद और गुलधर स्टेशन की छत का निर्माण कार्य भी तेजी से शुरू कर दिया गया है। इसके लिए लोहे के बड़े-बड़े गार्डर की सप्लाई शुरू हो चुकी है। दोनों स्टेशन की छत पर लगने वाले लोहे के गार्डर जून के अंत तक ही पहुंचा दिए जाएंगे। क्योंकि एनसीआरटीसी के मुताबिक पहला ट्रायल रन जुलाई के अंत तक किए जाने की उम्मीद है। इस कारण से रैपिड रेल के सभी निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिए गए हैं।
Also read: दिल्ली- मेरठ के बीच चलने वाली रैपिड रेल, 60 मिनट में पहुंचा देगी दिल्ली
एनसीआरटीसी के सीपीआरओ पुनीत वत्स के मुताबिक पहले फेस में होने वाले ट्रायल रन से पहले ही करीब 85 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। बाकी 15% बचा हुआ कार्य भी बहुत जल्द पूरा कर लिया जाएगा। जिसके लिए दुहाई डिपो में 25 मई तक पहला ट्रेन सेट पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। उन्होंने बताया कि गुलधर और साहिबाबाद स्टेशन का निर्माण कार्य एडवांस स्तर पर चल रहा है।
उधर पटरी बिछाने और (ओ एच ई ) और ओवरहेड इक्विपमेंट बिजली की लाइन का काम भी बहुत तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया कि यह सभी निर्माण कार्य की गुणवत्ता चेक करने के लिए तमाम इंजीनियर मौजूद हैं। जिनकी देखरेख में यह सभी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मेरठ तिराहे से दुहाई डिपो के बीच करीब 3 किलोमीटर की पटरी बिछाने का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। यहां पर बिजली की सप्लाई के लिए भी तार बिछाने और पोल लगाने का कार्य रात और दिन किया जा रहा है।
Also read: हाईस्पीड ट्रेन के कोच की सुविधा जान हो जाएंगे हैरान
पुनीत वत्स ने बताया कि गाजियाबाद और गुलधर स्टेशन पर डाली जा रही छत के ऊपर सौर ऊर्जा पैनल स्थापित किए जाएंगे। सौर ऊर्जा पैनल के माध्यम से ही स्टेशन पर बिजली मुहैया कराई जाएगी। साहिबाबाद स्टेशन में प्लेटफार्म लेवल सबसे ऊंचा है। जमीनी स्तर पर यात्री स्टेशन से 3:00 प्रवेश और निकास द्वार से ही निकलेंगे। वहीं दूसरे स्तर पर सुरक्षा से संबंधित भी कंप्यूटर केंद्रित टिकट प्रणाली होगी।
इसके अलावा यात्रियों को तमाम तरह की सुविधा उपलब्ध कराए जाने की भी योजना है। स्वचालित सीढ़ी, विकलांगों के लिए व्हीलचयर के साथ-साथ स्ट्रेचर और प्राथमिक चिकित्सा भी स्टेशनों पर ही उपलब्ध होगी। यानी रैपिड रेल के सभी स्टेशन यात्रियों को सभी सुविधा उपलब्ध कराए जाने के लिए आधुनिक उपकरणों से लैस होंगे।

