Tilak: जानें मस्तक पर क्यों लगाते हैं तिलक, यह है वैज्ञानिक कारण

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हिन्दू धर्म के ज्यादातर संस्कारों में तिलक लगाने का प्रचलन है, मसलन पूजा-पाठ, विवाह, संस्कार आदि में। लेकिन क्या हम पता है कि मस्तक में ही तिलक लगाने का वैज्ञानिक कारण क्या है? 

यह है मस्तक में तिलक लगाने की वजह- 
आपने देखा होगा कि तिलक हमेशा मस्तिष्क के केंद्र बिंदु पर ही लगाया जाता है, वहीं मस्तिष्क के केंद्र बिंदु पर 7 छोटे छोटे ऊर्जा चक्र होते हैं। साथ ही मस्तिष्क के बीच में ही आज्ञाचक्र होता स्थित होता है, जिसे हम गुरु चक्र के नाम से भी जानते हैं। वहीं इन केंद्रो के बारें में कहा जाता है कि यह मानव शरीर के केंद्र स्थान एकाग्रता और ज्ञान से परिपूर्ण होते हैं।

इसके साथ ही हमने लोंगो को अलग अलग रंगों के तिलक लगाते हुये देखा होगा, जिनमें सफेद रंग यानी चंदन के तिलक को शीतलदायी, लाल रंग के तिलक को ऊर्जावान और पीले रंग के तिलक प्रसन्नता का रंग माना जाता है। वहीं तिलक कोई भी रंग का हो ऊर्जा सभी में उपस्थित रहती है।

इस अंगुली से लगाया जाता है तिलक, भूलकर भी न करें गलती
तिलक को हमेशा अनामिका उंगली से लगाया जाता है, जोकि सूर्य के तेज का नेतृत्व करती है। वहीं जब मान-सम्मान की बात हो तो अंगुष्ठ यानी अंगूठे से तिलक किया जाता है, वहीं बाकी अंगुलियों को तिलक लगाने के लिये वर्जित माना गया है।

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