Gujarat Chunavi Dangal: जल्द चुनाव की बात में कितना है दम, हार्दिक का लुका छिपी खेल

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Gujarat Chunavi Dangal- गुजरात में क्या चुनाव जल्दी होने जा रहे हैं, क्या भाजपा सरकार ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है, क्या भूपेंद्र पटेल सरकार विपक्ष को Surprise करना चाह रही, क्या दिल्ली में भाजपा और गुजरात के शीर्ष नेतृत्व के बीच कुछ इसी बात परमंत्रणा हुई। बहुत से सवाल हैं जो गुजरात विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों को लेकर उठे हैं. और यह सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं कि भाजपा की मुख्य विरोधी पार्टी कांग्रेस की रफ़्तार काफी सुस्त है, वह यह मान कर चल रही है कि चुनाव समय पर ही होंगे और शायद राज्य में नेतृत्व के मुद्दे पर उसकी स्थिति अभी काफी डांवाडोल है। हार्दिक पटेल की भी स्थिति साफ़ नहीं है, वह कह तो रहे हैं कि अबतक वह कांग्रेस के साथ हैं लेकिन संकेत कुछ और दे रहे हैं।

जी हाँ, कुछ दिनों पहले व्हाट्सएप्प और इंस्टाग्राम से अपने DP में फेरबदल करने वाले हार्दिक पटेल ने आज अपने ट्विटर हैंडल से भी कांग्रेस का नाम गायब कर दिया जिसके बाद उनके पार्टी छोड़ने की बातें तेज़ी से सियासी हलकों में गश्त करने लगीं। हालाँकि उन्होंने राहुल गाँधी के ट्वीट को आज रीट्वीट ज़रूर किया है. वहीँ जिग्नेश मेवानी ज़मानत पर बाहर आने के बाद आज भाजपा और खासकर प्रधानमंत्री मोदी पर दिल्ली में खूब बरसे। पहली जून को वह गुजरात बंद भी करने वाले हैं। 

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दरअसल जल्दी चुनाव की बातों को बल इसलिए मिल रहा है क्योंकि भूपेंद्र पटेल सरकार सालों से लंबित समस्याओं को तेज़ी से हल करने में जुटी हुई है, घोषणाओं पर घोषणाएं हो रही हैं फिर वह चाहे सरकारी कर्मियों की 7वें पगार पंच को लागू करने और महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग हो या फिर बंद पड़ी भर्ती प्रक्रिया को शुरू करना। उधर राज्य निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष का बदलाव भी कुछ इसी ओर इशारा दे रहा है. AAP संयोजक केजरीवाल भी कल इसी तरह की बात कह चुके हैं.

यह अलग बात है कि उसमें उन्होंने भाजपा के AAP से डरने की बात भी जोड़ दी. वैसे समय से पहले चुनाव कराना कोई नई बात नहीं है, अक्सर सत्ताधारी पार्टियां हालात को देखते हुए इसकी सिफारिश करती हैं लेकिन फैसला तो निर्वाचन आयोग को ही करना पड़ता कि वह उस सिफारिश को माने या माने। फिलहाल तो परंपरा यही है चुनाव आयोग भाजपा सरकारों की सिफारिशों को मान लेता है।

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