बुधवार को 13 संक्रमितों की मौत, एक्टिव केस 10 हजार के पार
देहरादून। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण का खौफ लोगों को दहशत में डाल रहा है। आज राज्य में एक दिन में सर्वाधिक 1953 नए कोरोना मरीज मिले और लगातार दूसरे दिन 13 संक्रमितों की मौत हो गई। उत्तराखंड मे सक्रिय केसो की संख्या अब 10 हजार के पार पहुंच गयी है। सरकार और प्रशासन के तमाम प्रयास भी कोरोना को राज्य में प्रसार होने से रोक नहीं पा रहे। वहीं हरिद्वार में चल रहे कुंभ मेेले मेें आ रहे लाखों श्रद्धालुओं से संक्रमण बढ़ने का खतरा और अधिक होता जा रहा है। अब सरकार को इंतजार है कुंभ मेले के समापन का और इसके बाद राज्य में सख्त पाबंदियां लागू करने की तैयारी की जा रही है।
उत्तराखंड में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को राज्य में इस साल अभी तक एक दिन में सर्वाधिक 1953 नए मरीज मिले। जबकि लगातार दूसरे दिन 13 संक्रमितों की मौत हो गई। इससे राज्य में एक्टिव कोरोना मरीजों का आंकड़ा भी 10 हजार के पार पहुंच गया है।
बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी कोरोना रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को देहरादून में सर्वाधिक 796, हरिद्वार में 525, नैनीताल में 205, यूएस नगर में 118, अल्मोड़ा में 92, पौड़ी में 79, टिहरी में 78, चम्पावत में 28, बागेश्वर में 6, चमोली में 8, उत्तरकाशी में 8, रुद्रप्रयाग में 6, पिथौरागढ़ में 4 नए संक्रमित मिले हैं। राज्य में संक्रमण की दर 3.59 प्रतिशत और ठीक होने की दर 87 प्रतिशत के करीब रह गई है। मंगलवार के बाद बुधवार को भी 13 संक्रमितों की मौत हो जाने के बाद कोरोना से जान गंवाने वालों आंकड़ा 1793 हो गया है। राज्य में 58 कंटेनमेंट जोन बनाए जा चुके हैं।
30 अप्रैल तक जारी रहेगा कुंभ मेला
आज हरिद्वार कुंभ में बैसाखी पर्व संपन्न होने के बाद चर्चाएं चल रहीं थ्ािं कि कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़़ते खतरे को देखते हुए हरिद्वार कुंभ मेला जल्द समाप्त किया जा सकता है। लेकिन सचिव शहरी विकास शैलेश बगौली का कहना है कि अभी तक कुंभ मेला की अधिकारिक अवधि 30 अप्रैल तक ही निर्धारित है। हालांकि डाले डीजीपी अशोक कुमार ने कहा है कि बुधवार को बैसाखी पर्व पर बीते 12 अप्रैल के स्नान के मुकाबले कम भीड़ रही। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य होने की आशा है। ऐसे में हरिद्वार में तैनात सुरक्षाबलों की संख्या को कम किया जायेगा।
हालांकि सूत्रों का कहना है कि सरकारी दावों के विपरित कुंभ मेले में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है। गंगा स्नान के लिये आये साधुओं से लेकर उनके शिष्य तक बिना मास्क लगाये गंगा घाटों पर घुमते और स्नान करते दिख रहे हैं। भारी भीड़ के कारण इनको रोकना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में राज्य सरकार का प्रयास है कि बड़े अखाड़ों और साधु-संतों को हरिद्वार से जाने के लिये मनाया जाये ताकि कुंभ मेले का समापन किया जा सके।

