Third ODI: घरेलू ज़मीन पर क्या रुकेगा भारत की जीत का रथ?

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विशाखापट्टनम में ऑस्ट्रेलिया ने शानदार वापसी करते हुए टीम इंडिया को चारों खाने चित कर दिया और श्रखला में बराबरी कर ली. अब दोनों टीमों ने अंतिम और निर्णायक मुकाबले के लिए चेन्नई का रुख किया है जहाँ बुधवार को दोनों टीमें आमने सामने होंगी। जून में होने वाले ICC टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल से पहले दोनों टीमें आखरी बार आमने सामने होंगी ऐसे में दोनों ही टीमें यह मुकाबला जीतकर अपना मनोबल बढ़ाना चाहेंगी। दूसरे ODI में ऑस्ट्रेलिया के बांये हाथ के तेज़ गेंदबाज़ मिचेल स्टार्क की धारदार गेंदबाज़ी का भारतीय बल्लेबाज़ों की तरफ से कोई जवाब नहीं आया. शुरूआती 10 ओवरों में आधी भारतीय टीम पवेलियन वापस पहुँच चुकी थी. अगर टीम इंडिया को अपनी धरती पर लगातार आठवीं बाइलेटरल सीरीज़ जितनी है तो फिर टीम इंडिया को कंगारू गेंदबाज़ों का तोड़ निकलना होगा, वो भी खासकर मिचेल स्टार्क का.

कोहली को दिखाना होगा जलवा

दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलियाई खेमा अपने खिलाडियों के प्रदर्शन से काफी खुश होगा, स्टार्क की अगुवाई में तेज़ गेंदबाज़ों की तिकड़ी ने भारत के गेंदबाज़ों को राहत की कोई भी सांस नहीं लेने दी, ऐसे में कप्तान स्मिथ अंतिम मैच में अपनी टीम में किसी भी बदलाव से बचना चाहेंगे. विशाखापत्तनम में एलिस की गेंद पर आउट होने से पहले किंग कोहली अच्छी लय में नज़र आ रहे थे. जहाँ टीम इंडिया के दूसरे बल्लेबाज़ स्टार्क के सामने बेबस दिखाई दिए वहीँ कोहली ने स्टार्क का आराम से सामना किया। कोहली को बड़े मैच का खिलाड़ी माना जाता है, ऐसे में उन्हें एकबार फिर अपनी टीम को संकट से बाहर निकालना होगा। कंगारुओं के खिलाफ सबसे कामयाब बल्लेबाज़ बनने के लिए कोहली सबसे करीब हैं. अपने घर उन्होंने ऑस्ट्रेलिआ के खिलाफ 100 से ज़्यादा रनों की औसत से रन बटोरे हैं. अबतक के मुकाबलों में स्टार्क के मुकाबले किंग कोहली का पलड़ा भारी रहा है, ऐसे में स्टार्क की धार को कुंद करने की ज़िम्मेदारी कोहली को निभानी पड़ेगी।

ऑस्ट्रेलिया के मिचेल्स का क्या होगा तोड़

पिछले मैच में ऑस्ट्रेलिया के दोनों मिचेल यानि मिचेल मार्श और मिचेल स्टार्क हावी रहे. मिचेल मार्श ने अपना लगातार दूसरा अर्धशतक जड़कर अपनी आक्रमकता और उपयोगिता को साबित कर दिया. मार्श अपनी इस लय को तीसरे मैच में भी बरकरार रखना चाहेंगे। मार्श ने दोनों ही मैचों भारतीय गेंदबाज़ों को बैकफुट पर धकेला है. अबतक भारत इस द्विपक्षीय श्रंखला को जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था लेकिन दूसरा मैच शानदार तरीके से जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने पांसा पलट दिया है। अब देखना यह है क्या ऑस्ट्रेलिया भारत की पिछली आठ श्रंखलाओं के जीत के सिलसिले को रोक पायेगा या फिर भारत अपनी ज़मीन लगातार नवीं बार द्विपक्षीय श्रंखला जीतने में कामयाब होगा।

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