सरकार के सहयोग न करने पर संत समाज में असंतोष
चार जनवरी से खुद तैयारियां शुरू करने की चेतावनी
हरिद्वार। कुंभ मेला 2021 की तैयारियों को लेकर उत्तराखंड सरकार से विभिन्न मुद्दों पर असहमत अखाड़ा परिषद ने सरकार के सहयोग न करने पर खुद ही मेले का आयोजन कराने की चेतावनी दी है। अखाड़ा परिषद ने सरकार द्वारा उचित प्रयास न किये जाने पर आगामी 4 जनवरी से खुद कुंभ मेले की तैयारियां शुरू करने की बात कही है।
कोरोना संक्रमण काल में कुंभ मेला 2021 के आयोजन को लेकर उत्तराखंड सरकार ने कई कदम उठाये हैं जिनको लेकर संत समाज संतुष्ट नहीं है। इन मुद्दों को लेकर सरकार के प्रतिनिधि मंत्री व प्रशासनिक अधिकारी, संत समाज के साथ बैठकें भी कर चुके हैं। मगर अभी तक संत समाज को संतुष्ट नहीं किया जा सका है।
श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन में कुंभ मेले को लेकर आयोजित बैठक में संतांे ने सरकार द्वारा मेला आयोजन में सहयोग न किये जाने पर स्वयं के प्रयासों से कुंभ मेला का आयोजन करने का ऐलान किया है।
अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी का कहना है कि 2010 की तरह 2021 का कुंभ मेला भी भव्य रूप से आयोजित करने की इच्छा पूर्ण संत समाज की है। उन्होंने कहा कि पूर्व की भांति संतों के शिविर यथास्थान पर लगते रहेंगे। यदि सरकार अपेक्षित सुविधाएं मुहैया कराने में नाकाम रहती है तो अखाड़े अपने संसाधनों से सारी व्यवस्थाएं करेंगे।
सरकार की तरफ से सकारात्मक कदम न उठाये जाने पर चार जनवरी के बाद अखाडे़ खुद ही कुंभ मेला आयोजन की तैयारियां अपने स्तर से करना शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि यदि 20 फरवरी के बाद कोरोना संक्रमण का प्रसार अधिक होता है तो सरकार की गाइडलाइन का पालन किया जाएगा।
सीएम से लेकर पीएम तक पहुंचायेंगे अपनी मांग
सीएम को भेजे पत्र में संतों ने कुंभ को परंपरागत रूप से संपन्न कराने के लिए भूमि आवंटित करने समेत तमाम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। वहीं राज्य सरकार द्वारा संतों की मांग न माने जाने पर गे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करके हरिद्वार कुंभ को दिव्य और भव्य रूप से संपन्न कराने की मांग करने की बात भी कही गयी है।

