अयोध्या में 22 जनवरी को भव्य राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है. इस ऐतिहासिक समारोह में राजनेता, साधु-संत, क्रिकेटर्स, बॉलीवुड स्टार्स समेत 7,000 से अधिक लोगों को निमंत्रण भेजा गया है। इन सात हज़ार निमंत्रणों में एक ख़ास निमंत्रण राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि मुकदमे के पूर्व वादी इकबाल अंसारी का भी जिन्हें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से न्योता भेजा गया है. ट्रस्ट ने उन्हें राम मंदिर के भूमिपूजन समारोह में भी शामिल होने के लिए भी न्योता भेजा गया था. 30 दिसंबर को पीएम मोदी के अयोध्या दौरे के दौरान इकबाल अंसारी ने कतार में खड़े होकर उनका स्वागत किया था.
प्रधानमंत्री के रोड शो के दौरान जब काफिला पांजी टोला इलाके से गुजरा था तो इकबाल अंसारी ने कहा था कि मोदी जी हमारे प्रधानमंत्री हैं, हमारे यहां आए हैं, हमारे मेहमान हैं. इकबाल अंसारी ने अयोध्या शहर में कराये जा रहे विकास कार्यों की भी खूब तारीफ की थी. बता दें कि अयोध्या विवाद पर जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया था तब इकबाल अंसारी ने सबसे पहले उस फैसले को स्वीकारा था और देश के मुसलमानों से भी फैसले को स्वीकार करने की अपील की थी.
बता दें कि बाबरी मस्जिद-रामजन्म भूमि विवाद केस में इकबाल अंसारी के पिता हाशिम अंसारी मुख्य वादी थे. 2016 तक उन्होंने इस केस को लड़ा था. 2016 में 95 साल की उम्र में उनके निधन के बाद इकबाल अंसारी वादी बने थे. 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद पर राम मंदिर के पसख में अपना फैसला सुनाया, इसके साथ ही मस्जिद के निर्माण के लिए अयोध्या में ही 5 एकड़ जमीन एलाट करने का सरकार को निर्देश दिया था। सरकार ने ज़मीन अलाट कर दी थी मगर वहां अभी तक मस्जिद का निर्माण नहीं हो सका। इस दौरानअयोध्या में राम मंदिर का निर्माण युद्ध सत्र पर हुआ और अब वो घडी आ गयी है जब राम मंदिर का उद्घाटन होना है.

