पिछली सरकार के विवादित फैसलोें पर सीएम कर रहे गौर
देवस्थानम बोर्ड और गैरसैण कमिश्नरी गठन पर हो रहा विचार
न्यूज डेस्क। कुंभ मेले को लेकर त्रिवेंद सरकार के फैसलों को पूरी तरह से वापस लेने के बाद अब पिछली सरकार के विवादित फैसलों को भी वापस लिये जाने की संभावनाएं बलवती होती दिख रही हैं। ऐसे में देवस्थानम बोर्ड के गठन, गैरसैण को कमिश्नरी बनाने जैसे फैसलों के भविष्य को लेकर चर्चाएं शुरू हो गयीं हैं। बताया जा रहा है कि तीरथ सरकार कोई नयी योजना लाने से पहले त्रिवेंद सरकार में लिये उन फैसलों पर विचार कर रही है जिनका व्यापक विरोध हो रहा है।
उत्तराखंड के नवनियुक्त सीएम तीरथ सिंह रावत ने पत्रकारों से वार्ता केे दौरान उनकी सरकार द्वारा पब्लिक सेंटीमेंट का सम्मान करने की बात कही थी। सीएम ने साफ इशारा कर दिया था कि पूर्व सरकार के फैसलों से नाराज जनता को मनाने के लिये पूर्व सरकार के फैसले बदले भी जा सकते हैं। इसकी बानगी उन्होंने सीएम पद संभालने के अगले ही दिन कुंभ मेला को लेकर त्रिवेंद सरकार के फैसलोें को पलट कर दिखा दी है। एक अप्रैल से कुंभ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को कोविड नेगेटिव रिपोर्ट लाने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गयी है। वहीं त्रिवेंद सरकार के कुंभ मेला में भीड़ न जुटने देने की नीति के विपरित तीरथ सरकार ने कुंभ मेले में श्रद्धालुओं के आवागमन के लिये अतिरिक्त बसें चलाने का ऐलान किया है। कुंभ मेला आयोजन को लेकर साधु-संतों की नाराजगी दूर करने के लिये भी तीरथ सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।
देवस्थानम बोर्ड और गैरसैण कमिश्नरी गठन का है विरोध
त्रिवेंद सरकार में देवस्थानम बोर्ड का गठन किया गया था जिससे बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री समेत 55 मंदिर सरकारी नियंत्रण में आ गए थे। इस फैसले का साधु-संतों से लेकर जनता तक ने विरोध किया था। वहीं भाजपा के ही सुब्रमण्यम स्वामी ने त्रिवेंद सरकार के इस निर्णय को कोर्ट में चुनौती भी दे दी थी। जाहिर है की त्रिवेंद सरकार द्वारा देवस्थानम बोर्ड के गठन को लेकर पार्टी के नेता भी समर्थन में नहीं थे। उत्तराखंड में भाजपा को मुश्किल में डालने वाले इस निर्णय को भी वापस लिये जाने की संभावना जताई जा रही है। सीएम तीरथ सिंह ने इस मुद्दे को लेकर तीर्थ पुरोहित समाज के साथ वार्ता कर कोई बीच का रास्ता निकालने की बात कही है।
कुमाऊं और गढ़वाल के 2-2 जिलों को मिलाकर गैरसैण कमिश्नरी गठन करने के त्रिवेंद सरकार के फैसला भी विवादास्पद रहा। इस फैसले से उत्तराखंड में भाजपा के खिलाफ माहौल बनता जा रहा था। आगामी विधानसभा चुनाव में यह मुद्दे भाजपा के लिये मुश्किल बन सकते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि गैरसैंण कमिश्नरी को लेकर पूर्व सरकार का फैसला बदला जा सकता है। गौरतलब है कि सीएम तीरथ सिंह रावत भी कह चुके हैं कि गैरसैण कमिश्नरी मुद्दे पर सरकार जनभावना के साथ जाएगी।

