पूर्वोत्तर के तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में भाजपा और उसके द्वारा समर्थित सरकारों के बनने के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का एक हेकड़ी भरा बयान सामने आया है, उन्होंने लगभग चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में लड़ने वाले राजनीतिक दलों को यह समझ लेना चाहिए कि अंततः उन्हें भारतीय जनता पार्टी का समर्थन करना ही होगा। बता दें कि हिमंत बिस्वा सरमा आजकल भाजपा की आवाज़ बने हुए हैं विशेषकर पहाड़ी राज्यों को लेकर।
क्या एनसीपी पर हमला है ये बयान
दरअसल हिमंत बिस्वा सरमा के इस बयान को नागालेंड में एनडीपीपी को शरद पवार की एनसीपी के समर्थन से जोड़ा जा रहा है. बता दें कि एनसीपी ने चौंकाने वाला फैसला करते हुए गुरुवार को नगालैंड में नेफ्यू रियो सरकार को समर्थन देने का एलान किया। हिमंत सरमा के इस बयान को NCP पर कटाक्ष के रूप में भी देखा जा रहा है. हिमंत सरमा ने एनसीपी के समर्थन पर भाजपा को समुद्र बताते हुए कहा था कि नदियों को अंततः समुद्र में ही मिलना होगा।
एनसीपी की प्रतिक्रिया का इंतज़ार
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री देश के सबसे लोकप्रिय नेता हैं, मेघालय, नगालैंड और त्रिपुरा में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन ने फिर सत्ता में वापसी की है। हालाँकि मेघालय में भाजपा ने अलग चुनाव लड़ा था लेकिन पूरी तरह नाकामी के बाद उसने NPP को समर्थन देने में ही भलाई समझी , हालाँकि अब वो उसे अपनी उपलब्धि बता रही है और NDA की कामयाबी करार दे रही है, हालाँकि भाजपा की इस कोशिश को कोनराड संगमा ने गठबंधन सरकार को MDA कानाम देकर नाकाम कर दिया. असम के मुख्यमंत्री के इस बयान पर अभी एनसीपी के प्रतिक्रिया का इंतज़ार है.

