ढाई दिन पूरी तरह बारिश से बर्बाद होने के बावजूद कानपूर टेस्ट भारत ने सात विकेट से जीतकर बांग्लादेश का सूपड़ा साफ़ करते हुए 2-0 से श्रंखला पर कब्ज़ा कर लिया है. मज़े की बात ये है कि मैच में अभी एक सेशन से ज़्यादा का समय बचा हुआ था, तो एक तरह से कानपूर टेस्ट में सिर्फ दो दिन में नतीजा भारत के पक्ष में आया है. बांग्लादेश की दूसरी पारी को 146 रनों पर समेटने के बाद भारत ने जीत के लिए 95 रनों का लक्ष्य तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया।
आज जब बांग्लादेश की पारी शुरू हुई तब उसके हाथ में आठ विकेट थे, विकेट पर पहली पारी के शतकवीर मोमिनुल हक़ मौजूद थे. बांग्लादेश को मैच बचाने के लिए पूरे दिन को निकालना ज़रूरी था क्योंकि टीम इंडिया के बल्लेबाज़ों ने पहली पारी में जिस तरह की विस्फोटक बल्लेबाज़ी की थी उसे देखते हुए 10 ओवरों में 100 रन भी बनाना होते तो वो भी बना लेते लेकिन ऐसी नौबत नहीं आयी और 95 रन बनाने के लिए टीम इंडिया को काफी समय और काफी ओवर मिल गए.
बांग्लादेश की दूसरी पारी में सिर्फ सलामी बल्लेबाज़ शादमान इस्लाम 50, और मुश्फ़िक़ुर्रहीम ही बुमराह, अश्विन और जडेजा की खतरनाक तिकड़ी का कुछ सामना कर सके. तीनों ही भारतीय बल्लेबाज़ों ने तीन तीन विकेट आपस में बाँट लिए. जीत के लिए लक्ष्य हासिल करने में टीम इंडिया को तीन विकेट गंवाने पड़े. कप्तान रोहित शर्मा और शुभमण गिल सस्ते में आउट हुए लेकिन यशस्वी जायसवाल का जलवा बरकरार रहा. यशस्वी ने पहली पारी की तरह दूसरी पारी में भी पचास का आंकड़ा पार किया, यशस्वी ने 51 रन बनाये वहीँ विराट कोहली ने 37 गेंदों पर 29 रनों की नाबाद पारी खेली। अंत में ऋषभ पंत ने विजयी चौका लगाकर टीम इंडिया को शानदार जीत दिला दी. WTC फाइनल में अपनी पोजीशन और पुख्ता करने के लिए टीम इंडिया के लिए ये जीत बहुत ज़रूरी थी क्योंकि भारत को इसके बाद न्यूज़ीलैण्ड के खिलाफ तीन मैचों की घरेलू टेस्ट श्रंखला खेलना है जो तुलनात्मक रूप से बांग्लादेश से काफी मज़बूत टीम कही जा सकती है.

