‘The Kashmir Files’ ना देखने वाले आतंकियों के समर्थक: विवेक रंजन अग्निहोत्री

फीचर्ड‘The Kashmir Files’ ना देखने वाले आतंकियों के समर्थक: विवेक रंजन अग्निहोत्री

Date:


‘The Kashmir Files’ ना देखने वाले आतंकियों के समर्थक: विवेक रंजन अग्निहोत्री

लखनऊ। विवादों में पड़ी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स'(‘The Kashmir Files’) का विवाद पीछा छोड़ने का नाम नहीं ले रहे हैं। लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात के बाद फिल्म के निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान एक और विवादित बयान दे दिया है। उन्होंने फिल्म ना देखने वालों को आतंकियों का समर्थक बता दिया है। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान इस फिल्म के निर्माता और निर्देशक कई बार मीडिया के सवालों पर झुंझलाते नजर आये।

Read also: रुपहले पर्दे पर धमाल मचाने वाली फिल्म् ‘The Kashmir Files’ का जानिए राजनैतिक विवाद

‘The Kashmir Files’ ना देखने वाले आतंकियों के समर्थक: विवेक रंजन अग्निहोत्री
Image Credit: Naeem

विवेक ने क्यों कहा ऐसा?

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एक पत्रकार ने सवाल किया कि इस फिल्म को लेकर पॉलिटिक्स खूब हो रही है। कहा जा रहा है कि आपसी सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश हो रही है। यह आरोप सपा के कुछ नेताओं का है। इस सवाल के जवाब में विवेक रंजन अग्निहोत्री (Vivek Ranjan Agnihotri) ने कहा कि देखिये, ये विश्व दो गुटों में बंटा हुआ है। राम और रावण, सत्य और असत्य। एक तरफ वो सारे लोग हैं, आपके जैसे…जो चाहते हैं कि अपना काम खत्म करें, बैग पैक करके घर जाएं। शांति से परिवार के साथ समय बितायें। आपके भी घर में सुख रहे और पड़ोसी के भी घर में। ये सब मानवतावादी लोग हैं। जो मानवता में विश्वास रखते हैं, वो नहीं चाहते कि खून खराबा हो। लेकिन अपने अधिकार के लिए लड़ो। ये एक तरफ के लोग हैं। दूसरी ओर वो लोग हैं जो बंदूके उठाकर लोगों को मारते हैं, जो उनके साथ जुड़ी हुई एक इंडस्ट्री होती है जो उनको हथियार देते हैं और अन्य तरीके के व्यवसाय करते हैं। साथ ही आइडियोलॉजिकल सपोर्ट यानी बौद्धिक रूप से साथ देते हैं। ऐसे में ये दुनिया आमतौर पर मानवतावादी और टेररिज्म वाले लोगों में बंटी हुई है। मानवतावादी वाले लोग लाइन में लग-लगकर टिकट खरीद रहे हैं और फिल्म देख रहे हैं, साथ ही रो-रोकर बाहर आ रहे हैं। जो टेररिज्म वाले लोग हैं वो फिल्म को नहीं देख रहे हैं। वो बाहर बैठकर रो रहे हैं कि ये लोग फिल्म क्यों देख रहे हैं। ये विवाद सिर्फ इतना है, उसको तूल देना हो तो दिया जा सकता है।

Read also: कश्मीरी पंडितों की मौतें, आंकड़ों की हेराफेरी क्यों?

विवेक बोले- हेट स्पीच भी अलाउड होनी चाहिये

पत्रकारों ने सवाल किया हिंदू देवी देवता की नंगी तस्वीर जब एमएफ हुसैन ने बनाई थी तो उस समय काफी विरोध हुआ था। तब आप उनके समर्थन में आये थे, आपने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बताई थी। उस समय के विवेक और अबके विवेक में क्या अंतर है? इस सवाल के जवाब में विवेक ने कहा कि रत्ती भर भी अंतर नहीं आया है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का पक्षधर आज से बीस साल पहले भी था, और अब भी है। बल्कि मैं तो एब्स्युलेट फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन की करता हूं। आप ही बतायें कि मैंने कभी किसी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में दखल दिया हो? मैं तो इतना रेडिकल प्वाइंट ऑफ व्यू रखता हूं कि मैं चाहता हूं कि हेट स्पीच भी अलाउ होनी चाहिए।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related