अलीगढ़। प्रख्यात शायर मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया राणा ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखे प्रहार किए। सुमैया राणा ने कहा कि जो भाजपा सरकार काम खुद नहीं करवा रही वह कोर्ट के जरिये करा रही है। उन्होंने कहा कि पहली चीज तो यह है कि जो मामला न्यायालय में विचाराधीन है उस पर बहुत जल्दबाजी होगी कुछ बोलना। लेकिन यह जरूर है कि जिस तरह से भाजपा का इतिहास रहा है और उनका काम करने का जो तरीका रहा है वह हमेशा ऐसा रहा है। भाजपा को अपना काम करवाने से मतलब है। उसके लिए चाहे किसी का इस्तेमाल करे। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए भाजपा ने किस तरह से ईवीएम का दुरुपयोग किया। चुनाव आयोग का उपयोग किया। भाजपा सब संसाधनों का इस्तेमाल करने में माहिर है। इसमें कोई दो राय नहीं है। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा पर शायर की बेटी ने कहा कि यह तो समय बताएगा कि क्या है। लेकिन यह एक सकारात्मक पहल है। जिस तरीके से जनता पीड़ित है देश और प्रदेश दोनों जगह। इस तरीके की ये पहल होना जरूरी थी। यह कितना सकारात्मक रूप लेती है या कितनी कारगर होगी। यह आने वाला वक्त बताएगा।
मुसलमानो के भाजपा की तरफ जाने के सवाल पर कहा कि देखिए यह कहना बहुत आसान नहीं है क्योंकि भाजपा अगर किसी विजन पर काम करती वह विजन देश हित में होता। बेरोजगारी हटाने के लिए होता। नौकरियों को दिलाने के लिए होता। महंगाई घटाने के लिए होता। लेकिन यकीनी तौर पर ऐसा नहीं हुआ है। लेकिन आए दिन यह थोड़े दिनों में हिजाब, नकाब और मंदिर-मस्जिद की बात करते हैं तो मुझे नहीं लगता कि मुसलमान भाजपा की तरफ बहुत ज्यादा आकर्षित होने वाला है। 2024 में मुसलमानों की रणनीति पर कहा कि यह भी कहना जल्दबाजी होगी। मुसलमान ऐसी ताकतों को सत्ता दिलाने की कोशिश करेगा जो देश के बारे में सोचें। देश के संविधान के बारे में सोचें और देश में जिस प्रकार के हालात हैं। उसको हटाने के लिए हमेशा से जो कदम उठाते आए हैं इसी तरीके से कदम उठाएंगे।
भाजपा का बयान, अयोध्या का काम हो चुका, मथुरा, काशी बाकी है, पर सुमैया ने कहा जो काम कोर्ट ने किया है उसको उन्होंने अपने ऊपर लिया है। सपा पार्टी के द्वारा कामों के फीते काटकर और एमओयू पर साइन करके उन्होंने अपने नाम कर लिया है। कोर्ट के फैसले का सबने सम्मान किया। क्योंकि हम देश के बारे में सोचते हैं। हम पहले दिन से कह रहे थे कि कोर्ट जो फैसला करेगी हमारे लिए सर्वोपरि होगा। हमने वही करके दिखाया है। 2024 में भाजपा मुसलमानों की मजबूरी है के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनको बिल्कुल नहीं लगता, मुसलमानों का नजरिया देखा जाए तो मजबूरी कुछ नहीं है। हां प्राथमिकता जरूर है कि देश किस तरह चलना चाहिए। लोगों को किस तरह से हक मिलना चाहिए। इस पर बात होगी।
मदरसों में सर्वे को लेकर सुमैया राणा ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जब देशव्यापी आंदोलन चल रहा था। सीएए, एनआरसी को वो लीड कर रही थी। तब आरोप लग रहे थे कि पैसा कहां से आ रहा है। कौन चला रहा है। इनकी मंशा पर मैंने कई डिबेट पर बोला कि अगर यह सर्वे करा रहे हैं और सर्वे में यह निकल कर आता है कि जितना पैसा के बच्चों के लिए जा रहा है वह उपयोग कहां होना चाहिए। वहां तक ठीक है। लेकिन उनकी मंशा पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड ने आपत्ति जताई है। क्योंकि उनके काम करने का तरीका ऐसा है कि कभी कंस्ट्रक्टिव कभी रहे नहीं। डिस्ट्रक्टिव रहे हैं। जो भाजपा की नियत है उनकी नियत पर शक जरूर लोगों काे रहा है।

