आगामी शैक्षणिक सत्र को लेकर उच्च संस्थानों में तैयारियां चल रही है, इसी क्रम में UGC ने बड़े बदलाव की आहट के साथ नया निर्देश जारी कर दिया है। जहाँ अब देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों को अब छात्रों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा, जिसको लेकर UGC ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सुधारों के तौर पर फिजिकल फिटनेस, स्पोर्ट्स, स्टूडेंट हेल्थ, मानसिक और भावनात्मक आधरित एक नियमों का खाका तैयार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार इसे बुधवार को विश्विद्यालयों और कॉलेजों के लिये जारी कर दिया जायेगा, जहाँ आगामी शैक्षणिक सत्र में खेल अनिवार्य विषय के रूप में सम्मिलित होगा। इसके साथ ही उच्च शिक्षण संस्थानों में अब फिजिकल और मेंटल हेल्थ काउंसलर के अलावा हेल्थ एक्सपर्ट भी तैनात किये जायेंगे। बता दें कि अभी तक भारत में स्कूलों में खेल अनिवार्य विषय था, लेकिन उच्च शिक्षण संस्थानों में इसे वैकल्पिक तौर पर दिया गया था।
वहीं UGC की उच्चस्तरीय कमेटी का मानना है कि कैंपस लाइफ के दौरान छात्र तनाव भरे रहते हैं, ऐसे में वह खेल जैसी गतिविधियों के जरिये खुद का तनाव दूर कर सकेंगे। इसके साथ ही आज की युवा पीढ़ी अभी डिजिटल दुनिया में खोयी रहती है, ऐसे में उनके शारीरिक, मानसिक फिटनेस के अलावा उनके भावनात्मक स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है।

