लखनऊ। यूपी की सियासत गरमाई हुई है। जहां भी देखों वहां राजनीतिक चर्चाएं हो रहीं हैं। एक चर्चा ने लखनऊ में हलचल पैदा कर दी है, पार्षदों के एक ग्रुप में अपर्णा यादव और मंत्री स्वाती सिंह को लेकर बहस छिड़ गई है। इसमें सपा और भाजपा के नेता एकदूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का खेल खेल रहे हैं। मामला यह है कि अपर्णा यादव ने हाल ही में सपा को अलविदा कहकर भाजपा का दामन थामा है, तो वहीं स्वाती सिंह का एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो कह रहीं हैं कि उनके पति दयाशंकर सिंह उनके साथ मारपीट करते हैं। इसी मामले को लेकर सपा और भाजपा के ये पार्षद एकदूसरे से भिड़ गये हैं।

पार्षदों ने आपसी बातचीत के लिए एक वाट्सएप ग्रुप बनाया है। जिसमें पार्षदों के साथ पत्रकार और उनके कुछ समर्थक भी इस ग्रुप का हिस्सा हैं। मंगलवार को स्वाती सिंह के ऑडियो लीक की खबर को शेयर करते लखनऊ के कश्मीरी मोहल्ला वॉर्ड से सपा पार्षद लईक आगा ने लिखा कि भाजपा में तो भाभियां भी सुरक्षित नहीं हैं। अब उनके इस बयान तो स्वाभावित टिप्पणी आनी थी। तो भाजपा के खेमे से जानकीपुरम वार्ड की पार्षद खुश्बू मिश्रा के पति दीपक मिश्रा ने जवाबी मोर्चा संभाला और लिखा कि आपकी भाभी भी बीजेपी में आ गईं, स्वामी जी की बेटी भी बीजेपी छोड़कर नहीं गईं। भाभी से उनका आशय था अपर्णा यादव से था। इसके बाद लईक आगा ने वार करते हुए कहा कि हमारी भाभी के पति नेक इंसान हैं, पत्नी को मारते नहीं हैं। समाजवादी संस्कार लेकर गईं हैं। इसके बाद दीपक मिश्रा ने जवाब दिया संस्कार नहीं, तिरस्कार लेकर आईं हैं।

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तंज और प्रगाढ़ होते गए
दीपक मिश्रा और लईक आगा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर यहीं नहीं थमा। दीपक मिश्रा ने तंज को और कसते हुए कहा कि जब अखिलेश के परिवार के लोग ही सपा में सुरक्षित नहीं हैं तो जनता का क्या होगा। उनके तो परिवार के लोग ही अब भाजपा में आस्था दिखा रहे हैं। इसका जवाब देते हुए सपा के लईक आगा ने कहा कि आपकी मंत्री तो अपने घर में ही सुरक्षित नहीं हैं। चिल्ला-चिल्लाकर बोल रहीं हैं कि मेरी पिटाई होती है। इसके बाद यह मामला यहीं नहीं थमा सियासी आरोप-प्रत्यारोप ने लखनऊ से बाहर निकलकर लखीमपुर खीरी और कोरोना की अव्यवस्थाओं तक की सैर की। इस दौरान सपा और भाजपा के नेता एकदूसरे पर जमकर वार करते रहे।

भाजपा नेता का तर्क-सबका विश्वास जीता, सपा नेता का जवाब- किसानों पर गाड़ी चढ़ाई
सियासी बहस थोड़ी आगे बढ़ी तो बीजेपी के दीपक मिश्रा ने एक तीर फेंका और कहा कि 15 साल बाद ऐसी सरकार आई है, जिसने सबका विश्वास जीता है। अब आगामी 10 मार्च को एक बार फिर यह साबित हो जाएगा। अब लईक आगा ने जवाब दिया कि किसानों के उपर गाड़ी चढ़ाकर, हाथरस की बेटी को रात में जलाकर, गंगा में लाशें बहाकर और लॉकडाउन में मजदूरों को अकेला छोड़कर विश्वास जीता है। लईक ने सवाल किया कि बताईये आपके कितने लोग कोरोनाकाल में निकले थे। भाजपा के दीपक ने जवाब दिया कि किसानों की आय दोगुनी हो गई, किसानों को खाद सुलभता से मिलने लगी, कोविड की वैक्सीन फ्री दी। इसके बाद लईक ने भी सपा के कई काम गिनाये।


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भाभियों से चर्चा राम तक पहुंची
चुनावी बहस भाभियों के नाम पर शुरू हुई थी और राम तक पहुंच गई। बातों में आलमनगर वार्ड के पार्षद नागेंद्र सिंह ने दस्तक दी और कहा कि जो राम को लाये हैं, हम उनको लायेंगे। यूपी में फिर से भगवा लहरायेंगे। दीपक मिश्रा को साथ मिला तो उन्होंने समर्थन किया और बोले अबकी बार 350 के पार। अब बारी लईक की थी, उन्होंने कहा कि भागवान राम को कौन ला सकता है? वह तो मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान हैं। भगवान राम तो भगवान हैं, योगीजी इंसान हैं। वह राम को कैसे ला सकते हैं? इसके बाद दीपक बोल पड़े कि सपा के पास शब्द नहीं हैं। लईक ने जवाब दिया कि हमको राम प्यारे हैं, कृष्ण भी पूज्यनीय हैं। लेकिन वो लोग प्यारे नहीं हैं जो राजनीति के लिए कहें कि हम राम को लाये हैं। भगवान तो सबके होते हैं, राम भी सबके हैं। भगवान के नाम पर सियासत करने वालों को भगवान ही सजा देंगे।

