दो मुद्दों पर बानी सहमति, समिति के गठन का प्रस्ताव
नयी दिल्ली: सरकार ने बुधवार को आंदोलनरत किसानों की मांगों को लेकर एक समिति के गठन का प्रस्ताव रखा और कहा कि इस मसले के हल के लिए बीच का रास्ता निकालना पड़ेगा।
‘बीच का रास्ता’
सूत्रों के अनुसार सरकार ने किसान नेताओं से छठे दौर की बातचीत में कहा कि किसानों की मांगों के बारे में ‘बीच का रास्ता’ निकालना पड़ेगा और एक समिति तीन कृषि सुधार कानूनों के बारे में उनकी मांग पर विचार करने के लिए गठित की जायेगी। सरकार की ओर से हालांकि इस बारे में अभी कोई बयान नहीं आया। सरकार ने इससे पहले इस माह की शुरुआत में एक समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा था जिसे किसानों ने ठुकरा दिया था।
दो मुद्दों पर सहमति
वार्ता संपन्न होने के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने जानकारी देते हुए बाताया कि दोनों पक्षों के बीच दो मुद्दों पर सहमति बन गई है. उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों में प्रस्तावित बिजली कानून, पराली जलाने से संबंधित मुद्दों पर सहमति बनी.
अगले दौर की बैठक चार जनवरी को
किसान नेता कलवंत सिंह संधू ने बताया कि सरकार और किसान यूनियनों के बीच अगले दौर की बैठक चार जनवरी को होगी. उन्होंने कहा कि आज की बैठक मुख्य रूप से बिजली और पराली जलाने के मुद्दे पर केंद्रित रही. अगली बैठक में एमएसपी गारंटी और तीन कृषि कानूनों पर बात होगी.
मंत्रियों ने खाया लंगर
इस बैठक के शुरू होने से पहले हालांकि किसान नेताओं ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की बात पर अड़े रहते हुए कहा कि इससे कम उन्हें कुछ मंजूर नहीं है। बैठक से पहले केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल और नरेन्द्र तोमर ने किसानों के साथ गुरुद्वारे से लाया गया लंगर खाया।

