लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रमिक राष्ट्र का निर्माता है। इसलिए उसके सुख-दुःख में सहभागी बनना किसी भी लोक कल्याणकारी सरकार का पहला कर्तव्य बनता है। अपने इसी कर्तव्य का निर्वहन करते हुए प्रदेश सरकार ने अनेक कल्याणकारी योजनाएं प्रारम्भ की हैं। उन्होंने यह विचार आज यहां उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की पुत्रियों के सामूहिक विवाह कार्यक्रम के अन्तर्गत 3,507 कन्याओं के सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रम विभाग द्वारा कन्या विवाह सहायता योजना के अन्तर्गत बड़ी संख्या में श्रमिकों की कन्याओं का विवाह कराया जा रहा है। पिछले माह जनपद मुरादाबाद में आयोजित ऐसे ही एक कार्यक्रम में 2700 से अधिक जोड़ों का विवाह हुआ था, जबकि आज यहां 3507 जोड़ों का विवाह संस्कार सम्पन्न हुआ है। आज इस कार्यक्रम के माध्यम से अनेक परिवारों को कन्यादान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने सभी नवदम्पत्तियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के माध्यम से सभी पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाता है, चाहे वे किसी भी जाति, समुदाय से आते हों। इस योजना का समाज के प्रत्येक तबके ने स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक रूप से स्वीकार किया है, जिससे यह योजना बहुत लोकप्रिय हो रही है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थी को 51,000 रुपये की सहायता राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध करायी जाती है। अब तक लगभग पौने दो लाख कन्याओं की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत सम्पन्न हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सभी मण्डल मुख्यालयों में अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना करायी जा रही है। इनमें श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क पढ़ाई के साथ-साथ रहने-खाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। यह विद्यालय श्रमिकों के बच्चों की ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग समाज व राष्ट्र की प्रगति में किये जाने का माध्यम बनेंगे। यह विद्यालय श्रमिकों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराएंगे।

