नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शेर बहादुर देउबा ने संभाला कार्यभार। कोविड महामारी के दौरान Indo-Nepal Border पर पिछले 19 महीने से स्थिति सामान्य नहीं।
नई दिल्ली। भारत के पड़ोसी देश नेपाल में सत्ता परिवर्तन और नेपाल के Prime Minister के रूप में शेर बहादुर देउबा (Sher Bahadur Deuba) के कार्यभार संभालने के बाद भारत और नेपाल के संबंधों में अब और मिठास पैदा हो सकती है। सदियों से नेपाल, भारत के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ोसी रहा है। भारत के विदेश नीति में भी नेपाल का एक महत्वपूर्ण रोल है। मगर हाल ही में KP Sharma Oli के नेपाल के पीएम रहते खासा तनाव का माहौल पैदा हो गया था।
बिहार से सटे Nepal Border पर भारतीय मजदूरों के साथ कई बार नेपाल पुलिस की भिड़ंत भी हुई। ऐसे में अब नेपाल की कमान देउबा के हाथ में जाने से भारत और नेपाल के रिश्तो के बीच संबंधो में अब सुधार की संभावना है। COVID-19 महामारी के दौरान Indo-Nepal Border पर पिछले 19 महीने से स्थिति सामान्य नहीं है।
व्यापार और राजनीतिक रिश्तो में है सुधार की आस
रक्सौल के Indo-Nepal Chamber of Commerce के अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने मीडिया से वार्ता में बताया कि बार्डर सील किए जाने से दोनों देशों के व्यापार पर खासा असर पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में नेपाल के सत्ता में बदलाव व शेर बहादुर देउबा के PM का कार्यभार संभालने से उम्मीद है कि दोनों देश अब सुधारात्मक दिशा में काम करेंगे।
जानें कौन हैं शेर बहादुर देउबा
आपको बता दें कि नेपाल के सत्ता में बदलाव होने के बाद नेपाल के पांचवे प्रधानमंत्री के रूप में Nepal Congress के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा ने कार्यभार संभाला। शेर बहादुर देउबा का जन्म 13 जून 1946 को हुआ था। देउबा ने स्टूडेंट्स पॉलिटिक्स से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। शेर बहादुर देउबा ने वर्ष 1965 से 1968 तक काठमांडू के सुदूर-पश्चिमी छात्र समिति अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। देउबा वर्ष 1960 और 1970 के दशक में कई बार जेल भी जा चुके हैं।

