देहरादून। सरकार की अव्यवस्था का आलम कहे या फिर चार धाम तीर्थ यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की लापरवाही। इस बार चारधाम तीर्थ यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की कुछ अधिक ही मौत हो रही है। चारधाम तीर्थ यात्रा शुरू हुए अभी तीसरा सप्ताह ही चल रहा है और अब तक 56 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। इसमें से 54 की मृत्यु दिल का दौरा पड़ने के कारण हुई है।
वहीं 24 घंटे में चारधाम यात्रा पर आए सात श्रद्धालुओं की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। इससे सरकार की चिकित्सका व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं कांग्रेस ने भी चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की मौत पर सरकार को घेरा है। गत शु्क्रवार को बदरीनाथ धाम की यात्रा से वापस जोशीमठ लौट रहे भानुभाई पुत्र नत्था भाई निवासी सूरत गुजरत की अचानक सांस लेने में परेशानी हुई।
इसके बाद उनकी मौत हो गई। हालांकि सांस लेने में तकलीफ पर उनको परिजन जोशीमठ की सीएचसी लेकर गए लेकिन डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बदरीनाथ धाम में ही महिला श्रद्धालु वीणा बेन निवासी गुजरात की तबीयत खराब होने पर उनको पीएचसी पहुंचाया लेकिन इससे पहले उनकी मौत हो गई।
Read Also:Uttarakhand Budget : गैरसैंण में सात जून से विधानसभा सत्र, सरकार पेश करेगी बजट
दोनों मौतें हृदयगति रूकने के कारण हुई। वहीं केदारनाथ में दो श्रद्धालुओं की मौत हृदय गति रूकने के कारण हुई है। चारधाम यात्रा से वापस लौट रहे गोरखपुर निवासी अवधेश नारायण तिवारी पुत्र शिव प्रसाद तिवारी की हालत मुनिकीरेती पर गंगा स्नान के दौरान खराब हुई। मध्य प्रदेश से आए 22 यात्रियों के दल में शामिल सौरम बाई पत्नी अमर सिंह निवासी पीपल्दा धार की तबियत खराब हो गई। इससे दोनों की मौत हो गई।
Read Also:Chardham Yatra: चारधाम यात्रा पर बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या तो ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद

