न्यूयॉर्क की लेखिका जूली विशर बताती हैं कि जब हमें लग रहा था कि महामारी खत्म हो रही है, तभी कोरोना की दूसरी लहर आ गई। दरअसल यह बीमारी कभी गई ही नहीं थी। इसलिए हमें महामारी से लड़ने के दोबारा तैयार होना पड़ा। आइये जानते हैं कि विशेषज्ञ इस खतरे से निपटने के क्या तरीके बता रहे हैं-
— दिन के लिए एक योजना बनाएं। इससे हम नियंत्रित महसूस करेंगे और फोकस्ड होकर अपना काम भी कर सकेंगे।
— घर में रहने के बावजूद शारीरिक रूप से सक्रिय रहना जरूरी है। इसलिए घर पर ही व्यायाम करें। योग करें और टहलें।
— इस वक्त पौष्टिक आहार का सेवन बेहद जरूरी है। चीनी-नमक कम करें और ताजी फल-सब्जी खाएं। खाने में वसा, प्रोटीन, विटामिन और कार्बोहाइड्रेट की पर्याप्त मात्रा हो।
— अगर बेचैनी, तनाव और ज्यादा सिर दर्द महसूस हो तो डॉक्टर की मदद लें। वहीं गहरी सांस लेना और दोस्तों व परिवार से लगातार बात करते रहने से आपको अच्छा लगेगा। लोगों से जुड़े रहें और रिश्ते बनाकर रखें। इससे भावनात्मक स्तर बेहतर रहेगा।
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— खबरों और सूचनाओं पर नजर रखें। लेकिन बेहद सनसनीखेज सूचनाओं से दूर रहें। वहीं वर्तमान में जीने का प्रयास करें। भविष्य को लेकर ज्यादा चिंतित न रहें।
— सेहतमंद रहने के लिए पर्याप्त नींद जरूरी है। इसलिए नींद की रूटीन का पालन करें। दिन में व्यायाम करने से रात में अच्छी नींद आएगी।
याद रखें जैसे पहली लहर खत्म हुई थी, वैसे ही जल्द दूसरी भी खत्म हो जाएगी। बस आपको सावधान रहना है।

