दिग्विजय का दावा, सावरकर को गाय का मांस खाने से नहीं था ऐतराज

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दिग्विजय का दावा, सावरकर को गाय का मांस खाने से नहीं था ऐतराज

  • कहा, भाजपा सत्ता में आई तो संविधान बदलेगी, करेगी आरक्षण को खत्म

भोपाल। हिंदू और हिंदुत्व को लेकर कांग्रेसी नेताओं द्वारा लगातार बयान दिए जा रहे हैं। इन बयानों को लेकर भाजपा कांग्रेस पर सवाल उठा रही है। लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नए-नए बयान देकर अपनी बातों को सही साबित करने में लगे हैं। इसी कड़ी में अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि वीर सावरकर को गाय का मांस खाने में कोई दिक्कत नहीं थी। हिंदु और हिंदुत्ववाद के बीच अब वीर सावरकर को लेकर आने वाले दिग्विजय सिंह का कहना है की वीर सावरकर ने गाय को कभी भी माता नहीं माना।

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भोपाल में जन जागरण अभियान को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा की वीर सावरकर ने अपनी किताब में लिखा है कि हिंदू का हिंदुत्व से कोई लेना-देना नहीं है। वीर सावरकर ने गाय को कभी माता नहीं माना और उन्हें बीफ (गाय का मांस) खाने में कोई दिक्कत नहीं थी। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने कहा कि अगर भाजपा 2024 में सत्ता में फिर से वापस आई तो वह सबसे पहले संविधान को बदलकर आरक्षण खत्म करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई आरएसएस की विचारधारा से है। पूर्व में दिए गए अपने बयान पर अडिग रहते हुए दिग्विजय सिंह ने फिर कहा कि हिंदू धर्म का हिंदुत्व से कोई लेना-देना नहीं है |

गौरतलब है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी हिंदू और हिंदुत्व को अलग-अलग बताते हुए कई बार बयान दे चुके हैं। हाल ही में एक रैली में उन्होंने कहा था की भारत हिंदुत्ववादियों का नहीं बल्कि हिंदुओं का देश है। राहुल गांधी ने कहा था कि अपना पूरा जीवन सत्ता की तलाश में लगा देने वाले हिंदुत्ववादी सत्ता को पाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं।

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हिंदू और हिंदुत्व को लेकर कांग्रेसी नेताओं द्वारा की जा रही बयानबाजी पार्टी की रणनीति माना जा रहा है। क्योंकि सलमान खुर्शीद, राशिद अल्वी, राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं का एक के बाद एक हिंदुत्व पर बयान देना और हिंदुत्ववाद को गलत साबित करना अनजाने में दिया गया बयान नहीं हो सकता। जाहिर है कि यह कांग्रेस की रणनीति है जिसे वह पांच राज्यों में होने वाले चुनाव में इस्तेमाल करना चाहती है। देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व का यह दांव पार्टी को फिर से स्थापित करने में मदद करता है या यह कांग्रेस संगठन लिए भस्मासुर साबित होता है जो खुद पार्टी को ही भस्म कर दे।

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