नई दिल्ली। नेपाल की राजधानी काठमांडो और ललितपुर सिटी में हैजा फैल चुका है। यहां पर हैजा के करीब 50 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं। हैजा के बढ़ते मरीजों को देखते हुए अब पानीपुरी खाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। ललितपुर सिटी में तो पानीपुरी पर गत शनिवार को ही प्रतिबंध लगा दिया गया था। जिसमें कहा गया था कि पानीपुरी की बिक्री इसके प्रयोग पर रोक लगाने के पीछे पानी में हैजा के बैक्टीरिया का पाया जाना है।
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इस समय नेपाल की राजधानी में हैजा फैलने का खतरा काफी बढ़ गया है। पानी में हैजा के बैक्टीरिया पाए जाने के बाद इसके प्रयोग के लिए लोगों को आगाह किया जा रहा है। काठमांडो में और ललितपुर जिले में भीड़-भाड़ वाले इलाके और कॉरिडोर में पानीपुरी बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दी गई है। जिलों में हैजा से निपटने की आंतरिक तैयारी कर ली गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार घाटी में हैजा फैलने का खतरा बढ़ा है। देश के स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय के मुताबिक काठमांडो और आसपास की घाटी में दर्जनों लोग जांच में हैजा पाजिटिव पाए गए हैं। जिससे रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत महामारी विभाग और रोग नियंत्रण के निदेशक चुमानलाल के मुताबिक,काठमांडो महानगर में हैजा के कई मामले सामने आए हैं। हैजा फैलने का कारण प्रदूषित पानी है। जिसके कारण चंद्रगिरी नगर पालिका और बुधनिलकांठा नगर पालिका ने पानी की सफाई और उसमें दवाई डालने का काम शुरू कर दिया है। हैजा के प्रत्येक मामलों की पहचान की जा चुकी है। हैजा से संक्रमित लोगों को उपचार के लिए टेकू स्थित सुकरराज इंफेक्शियस डिजीज अस्पताल में भर्ती कराया है। इससे पहले राजधानी के कई हिस्सों में हैजा के मामले सामने आ चुके हैं।
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स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय ने लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है। मंत्रालय ने लोगों को आगाह किया है कि हैजा के किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर तुरंत ही पास के स्वास्थ्य केंद्र में जाएं। मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने को कहा है। लोगों से पानी पुरी और बाहर की चीजें खाने के लिए मना किया है। अतिसार हैजा और अन्य जल जनित बीमारियां गर्मी और बरसात के मौसम में फैल रही है।

