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राजस्थान की सियासत: नई पार्टी बना सकते हैं सचिन पायलट!

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राजस्थान की सियासत: नई पार्टी बना सकते हैं सचिन पायलट!

जयपुर: राजस्थान के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट को लेकर तमाम तरह की सियासी अटकलों का बाज़ार गर्म हैं। अपनी प्रतिक्रिया को लगभग हर दिन ट्वीट कर साझा करने वाले सचिन पायलट के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर भी पिछले 48 घंटे से सन्नाटा है।

नई पार्टी की चर्चा
अभी उनके कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने की प्रबल संभावनाएं लगाई जा रही थीं मगर इस खबर का खंडन होने के बाद अब सचिन पायलट के तीसरा मोर्चा बनाते हुए नए राजनीतिक दल का गठन करने की भी चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं।

सस्पेंस बरकरार
सूत्र बताते हैं कि पायलट फिलहाल फौरी तौर पर कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर एक नई पार्टी के गठन का एलान कर सकते हैं। इस पार्टी में पायलट के समर्थन में उतरने वाले कांग्रेस के ही विधायक और कुछ निर्दलीय विधायक हो सकते हैं। इन समर्थकों की संख्या कितनी होगी इसपर सस्पेंस बना हुआ है।

अभी 20 विधायकों का समर्थन
बताया ये भी जा रहा है कि अभी पायलट को लगभग 20 विधायकों का समर्थन मिल सकता है। जबकि उनके संपर्क में कुछ और विधायक भी दूसरे चरण में उनका साथ देने के लिए बाद में पार्टी से बगावत कर सकते हैं। चर्चा है कि चरणबद्ध तरीके से प्रदेश में सत्ता परिवर्तन की कवायद की जा रही है। सूत्रों के अनुसार पायलट की इस योजना में भाजपा का भी कनेक्शन हो सकता है। भाजपा केन्द्रीय संगठन भी इस दिशा में खासा सक्रीय दिख रहा है।

सरकार ने किया 109 विधायकों के समर्थन का दावा
मीडिया में जारी हुए सचिन पायलट के पीआर टीम के सन्देश में दावा किया गया कि उनके समर्थन में 30 विधायक हैं जिससे गहलोत सरकार अल्पमत में आ सकती है। हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से सीएमआर में रविवार देर रात तक चली बैठक में 109 विधायकों ने सरकार के साथ होने पर सहमति जताई और सरकार पूरी तरह से सुरक्षित होने का दावा किया। इधर पायलट खेमे में रहे विधायक दानिश अबरार, रोहित बोहरा और चेतन डूडी ने प्रेस वार्ता में कहा था कि वे गहलोत के साथ है। इसके अलावा एक अन्य विधायक प्रशांत बैरवा भी रात को गहलोत के निवास पर पहुंचे और कहा कि वे गहलोत के साथ हैं। मैं पायलट का सम्मान करता हूं, लेकिन यदि वे भाजपा में गए तो वे उनके साथ नहीं जाएंगे।

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