लोगों से बातचीत कर जाना उस रात की घटना का सच
प्रियंका गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच कराने की मांग की
देशभर की सुर्खियों में आया 8 पुलिसकर्मियों को शहीद करने वाले कांड की जाचं करने हाईकोर्ट के पूर्व जज सोमवार को बिकरु गांव पहुंचे.उन्होंने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद ग्रामीणों से बातचीत कर हकीकत जानी.जस्टिस शशिकांत ने बिकरू गांव में विकास दुबे के घर के मलबे को देखा. इसके बाद उन जगहों पर गए, जहां मुठभेड़ के दौरान पुलिसकर्मियों की हत्या की गई थी.उन्होंने डीएम ब्रह्मदेव तिवारी और एसएसपी दिनेश कुमार पी के साथ गांव वालों से बात की. दो जुलाई को हुए घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद सर्किट हाउस रवाना हो गए। योगी सरकार ने कानपुर शूटआउट से लेकर विकास दुबे और अन्य अपराधियों के एनकाउंटर के पीछे की हर एक कहानी को उजागर करने के लिए जस्टिस शशिकांत अग्रवाल की अगुवाई में कमीशन बनाया है. अग्रवाल दो माह में अपनी जांच पूरी कर शासन को अपनी रिपोर्ट देंगे. इस आयोग का मुख्यालय कानपुर है.
जहां फायरिंग हुई वो घर भी दिखाए
अधिकारियों ने वे घर भी दिखाए जहां से दो जुलाई की रात फायरिंग हुई थी.इसके बाद गांव वालों से बातचीत की और घटना वाली रात और विकास दुबे के अपराध की जानकारी ली.जस्टिस के हाथ में एक ब्लैक कलर की डायरी थी, जिसमें शूटआउट से जुड़ी कुछ जानकारियांं वे पढ़ रहे थे.इनका जवाब डीएम और एसपी की तरफ से दिया जा रहा था.
अपराधी की परवरिश जिसने की उसे लाए सामने
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कानपुर शूटआउट मामले की सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच कराने की मांग रविवार को वीडियो संदेश जारी कर रखी थी. प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया था कि उत्तर प्रदेश को अपराध प्रदेश में बदल दिया गया है. कहा कि, विकास दुबे जैसे अपराधी फल फूल रहे हैं. पूरा प्रदेश इस बात को जानता है कि इनका संरक्षण राजनीतिक शक्तियों द्वारा किया जाता है.विकास दुबे जैसे अपराधी की परवरिश जिन्होंने की, उनकी असलियत सामने आनी चाहिए. जब तक अपराधियों और राजनेताओं के बीच साठगांठ की असलियत सामने नहीं आएगी, तब तक न्याय नहीं होगा.

