- अब सिर्फ देवस्थानम बोर्ड के पोर्टल पर ही कराना होगा पंजीकरण
- प्रदेश में बाजारों को खोलने-बंद करने पर लगी बंदिश की समाप्त
देहरादून। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों को दो पोर्टल पर पंजीकरण कराना होता था। मगर अब उन्हें राहत देते हुए सिर्फ देवस्थानम बोर्ड के पोर्टल पर ही पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है। पहले श्रद्धालुओं को देवस्थानम बोर्ड के साथ स्मार्ट सिटी के पोर्टल पर भी पंजीकरण करना पड़ता था।
वहीं चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के पास यदि कोरोना वैक्सीनेशन की दो डोज लगने का प्रमाण पत्र नहीं है तो भी उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे श्रद्धालु 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट दिखाकर भी यात्रा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि केरल, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना वैक्सीनेशन की दो डोज लगने के साथ 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य है।
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कोर्ट से की श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या बढ़ाने की मांग
उत्तराखंड सरकार ने सोमवार को नैनीताल हाईकोर्ट से चारधाम यात्रा पर श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या को बढ़ाकर 3 से 4 हजार करने की अनुमति मांगी है। सरकार की ओर से कहा गया है कि चारधाम यात्रा में अब मात्र 40 दिन का ही समय बचा है इसलिये चारधाम जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को दर्शन करने की अनुमति दी जाये या निर्धारित संख्या तीन से चार हजार प्रतिदिन कर दी जाये। कोर्ट आज पांच अक्टूबर को भी इस मामले पर सुनवाई करेगा।
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बाजार खुलने-बंद होने पर समय की पाबंदी हटाई
उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण कम होने के साथ जनजीवन सामान्य होता जा रहा है। ऐसे में प्रदेश सरकार ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों के खोलने-बंद करने पर लगाई गयी समय की पाबंदी को हटा लिया है। पहले दिये गये निर्देश में बाजारों को सुबह आठ से रात नौ बजे तक ही खोले जाने की अनुमति दी गयी थी। होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों को रात 10 बजे बंद करने की बाध्यता को भी समाप्त कर दिया गया है। लेकिन साप्ताहिक बंदी कड़ाई से लागू रहेगी।

