नई दिल्ली। RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज सुबह पत्रकार वार्ता की। जिसमें उन्होंने आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति के फैसले के बारे में जानकारी दी। आरबीआई गवर्नर ने इस बार रेपो रेट को 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा है।
हालांकि इससे पहले माना जा रहा था कि आरबीआई रेपो दर में फिर 0.25 फीसदी की वृद्धि कर सकता है। हालांकि केंद्रीय बैंक ने ऐसा नहीं किया है। एमपीसी बैठक की जानकारी और इस दौरान लिए गए फैसलों के लिए गवर्नर शक्तिकांत दास ने मीडिया से रूबरू होते हुए ये बातें कही।
बता दें कि इससे पहले फरवरी में हुई एमपीसी बैठक में रेपो दर को 0.25 फीसदी बढ़ाकर 6.50 फीसदी किया गया था। उस समय आरबीआई ने कहा था कि खुदरा महंगाई को काबू में रखने और उच्च विकास दर को बनाए रखने के लिए प्रमुख नीतिगत दर में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। आरबीआई गवर्नर ने गुरुवार की सुबह अपने बयान में कहा कि एमपीसी के सभी सदस्य रेपो रेट में बदलाव नहीं करने के पक्ष में थे।
उन्होंने कहा कि भारत में बैंकिंग सेक्टर की स्थिति काफी मजबूत है। बता दें कि एसबीआई ने यह संकेत दिए थे कि उनके पास इसके पर्याप्त कारण मौजूद हैं कि वह अप्रैल की समीक्षा में रेपो दर में कोई वृद्धि न करें। तरलता के मोर्चे पर दिक्कतों के बावजूद केंद्रीय बैंक आगामी एमपीसी बैठक में नरम रुख अख्तियार कर सकता है।

