लोकसभा चुनाव नतीजों पर आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार के बयान पर मचे बवाल के बाद अब योग गुरु से बिजनेसमैन बने रामदेव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शुक्रवार को हरिद्वार में संत सम्मेलन में कहा कि राजनीतिक टिप्पणियां अक्सर होती रहती हैं। भगवान राम सबके हैं और यह देश सबका है। विचारधारा, जाति और संप्रदाय के आधार पर विभाजन पैदा करना देश की एकता के लिए ठीक नहीं है।
लोकसभा चुनाव के नतीजों पर टिप्पणी करते हुए आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने एक बयान में मोदी सरकार को अहंकारी बताया था और कहा था कि अहंकार के कारण ही भगवान राम ने भाजपा को पूर्ण बहुमत से दूर रखा। वहीं रामदेव ने अपने बयान पर यू-टर्न लेते हुए कहा कि इस समय देश का माहौल बिल्कुल साफ है- जिन्होंने राम की पूजा करने का संकल्प लिया था वे आज सत्ता में हैं और राम का विरोध करने वाले लोग सत्ता से बाहर हैं
बता दें कि इंद्रेश कुमार से पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी संकेतों में प्रधानमंत्री को घेरा था. मोहन भागवत के कहने का मतलब भी वहीँ था जो बाद में इंद्रेश कुमार ने कहा था, यानि शासक को सेवक ही रहना चाहिए, अहंकार नहीं पालना चाहिए. भाजपा सरकार के खिलाफ आरएसएस नेताओं के बयानों पर विपक्ष ने भी खूब कटाक्ष किये, कल कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि आरएसएस को अब समझ में आया कि प्रधानमंत्री मोदी अहंकारी हैं.

