राजस्थान के चुनावी माहौल में भाजपा पुलवामा हमले में शहीद जवानों की वीरांगनाओं की मांगों को राजनीतिक मुद्दा बना रही है. पिछले काफी दिनों से अपनी मांगों को लेकर यह वीरांगनाएं अपने परिवार के लोगों के लिए नौकरी और अन्य मांगें कर रही हैं और मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत से मिलने की कोशिश कर रही हैं वहीँ अशोक गहलोत का कहना है कि उनकी मांगें अनुचित हैं. शहीदों का हर राजस्थानी सम्मान करता है लेकिन उनकी जगह पर नौकरी उनके बच्चों को दी जा सकती है न कि रिश्तेदारों की. कल शहीदों के बच्चे बड़े होंगे , नौकरी के लायक बनेंगे तो यह उनके साथ अन्याय होगा। भाजपा ने आज इस मुद्दे पर जयपुर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस की गाड़ियों पर पथराव भी किया।
पुलिस गाड़ियों पर किया पथराव
मुख्यालय से सहकार भवन की ओर बढ़ रहे भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। पुलिस की इस कोशिश के जवाब में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया। इस दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पुनिया ने बैरिकेड को फांदने की कोशिश की और इस प्रयास में उनके पैरों में चोट भी लगी. इस बीच बीजेपी के उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ को हिरासत में लिया गया. हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने कहा कि ने कहा कि हमारा यह विरोध आगे भी जारी रहेगा और इसे हम पूरे राज्य में फैलाएंगे।
कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया राजनीती करने का आरोप
वहीँ राजस्थान के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है और इसके लिए उन्हें दिल्ली से आदेश मिले होंगे, राजस्थान सरकार शहीदों के परिवारों के साथ है। इसे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत ने इस मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए कहा था कि वो मामले का राजनीतिकरण कर रही है. गेहलोत ने कहा कि राजस्थान सरकार शहीदों और वीरांगनाओं का बहुत सम्मान करती है. उन्होंने कहा कि धरना दे रही एक वीरांगना की मांग है कि शहीद हेमराज मीणा की एक और मूर्ती लगवाई जाय जबकि पहले ही शहीद की दो मूर्ति स्थापित की जा चुकी है, वहीँ शहीद रोहिताश लाम्बा की पत्नी अपने देवर के लिए नौकरी की मांग कर रही हैं. उन्होंने कहा कि अगर उनके देवर को नौकरी दे दी जाती है तो अन्य शहीदों और उनके बच्चों के साथ अन्याय होगा.

