भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सवाल किया है कि अगर हिंदू अपने क्षेत्र को हिदुस्तान नहीं बनाना चाहते थे तो फिर मुल्क का बंटवारा ही क्यों हुआ ? सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक सवाल किया कि आखिर हम बंटवारे पर सहमत क्यों हुए? भाजपा सांसद ने इस्लाम को एक लोकप्रिय धर्म बताया लेकिन साथ में यह भी कहा कि इसका यह मतलब कतई नहीं कि हिंदुस्तान में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों की संस्कृति अरबी होनी चाहिए। बता दें कि इस्लाम और मुसलमानों को लेकर सुब्रमण्यम स्वामी अक्सर अपने विचारों से चर्चा में रहते हैं.
स्वामी को हिंदू राष्ट्र बनने का भरोसा
भाजपा सांसद ने इसके साथ ही एक बार फिर हिंदू राष्ट्र की बात छेड़ते हुए कहा कि भविष्य में भारत हिंदू राष्ट्र जरूर बनेगा। हिजाब विवाद पर भी सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा था कि ये इस्लाम धर्म की आवश्यक प्रथा हरगिज़ नहीं है, इसलिए इसे स्कूलों में लागू किये जाने की बात करना बेकार है. सुब्रमण्यम स्वामी ने इसके लिए मुस्लिम स्कॉलर्स को बहस की भी चुनौती दी थी, स्वामी ने कहा था अगर कोई यह साबित कर दे कि हिजाब इस्लाम धर्म की आवश्यक प्रथा है तो हिजाब के पक्ष में मैं सबसे आगे खड़ा मिलूंगा।
सारी पहनकर मुस्लिम महिला क्या इस्लाम का करती हैं अपमान
सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा था कि क्या कुरान में कहीं भी ऐसा करना धर्म के अनुसार जरूरी है. भाजपा सांसद ने कहा था कि अगर हिजाब इस्लाम का ज़रूरी हिस्सा है तो संसद में कई मुस्लिम महिला सांसद सारी पहनकर आती हैं ,देश में बहुत सी मुस्लिम महिला भी सारी पहनती हैं, मुस्लिम लड़कियां जींस और स्कर्ट पहनती है तो क्या वो इस्लाम का अपमान करती हैं। स्वामी ने कहा कि पता नहीं देश में हर मुद्दे पर हिन्दू-मुसलमान क्यों होता है.

