नई दिल्ली: क्वॉड के चारों सदस्य देश भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान की शुक्रवार को पहली बैठक ऑनलाइन आयोजित की गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीने क्वॉड समिट के शुरुआती संबोधन में कहा कि भारत के प्राचीन दर्शन वसुधैव कुटुंबकम के विस्तार को वह सकारात्मक दृष्टिकोण से देखते हैं, जो पूरी दुनिया को एक परिवार मानता है. हम परस्पर सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे. हम साझा मूल्यों के साथ धर्मनिरपेक्ष, स्थिर और समृद्ध हिन्द-प्रशांत क्षेत्र के देशों के बीच सहयोग बढ़ाएंगे.
क्वॉड नेताओं का सकारात्मक एजेंडा
विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने बैठक के बाद बताया, प्रधानमंत्री ने ने कहा कि यह साझेदारी दुनिया के कल्याण के लिए है. आज का सम्मेलन दिखाता है कि क्वॉड नेताओं ने सकारात्मक एजेंडा और दृष्टिकोण अपनाया है. वैक्सीन, क्लाइमेट चेंज और उभरती प्रौद्योगिकी जैसे समकालीन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है.
21वीं सदी में दुनिया की किस्मत को तय करेगा हिन्द प्रशांत क्षेत्र
ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कहा कि यह हिन्द प्रशांत क्षेत्र होगा, जो 21वीं सदी में दुनिया की किस्मत को तय करेगा. हम हिन्द प्रशांत क्षेत्र की चार महान लोकतांत्रिक शक्तियां हैं. हम अपनी साझेदारी के जरिये शांति, स्थिरता और समृद्धता को मजबूत करने के साथ क्षेत्र के अन्य देशों को अपने साथ आगे ले जाएंगे. जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने भी इस वर्चुअल समिट में हिस्सा लिया.

