प्रियंका गांधी के सलाहकार हरेंद्र मलिक ने सभी पदों के साथ पार्टी सदस्यता भी छोड़ी
यूपी कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष पूर्व विधायक पंकज मलिक ने भी छोड़ा हाथ का साथ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी से कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने पार्टी के 40 प्रतिशत टिकट महिलाओं को देने का ऐलान क्या किया पुरुष नेताओं ने पार्टी छोड़ना शुरू कर दिया। अब प्रियंका के नारी सशक्तिकरण के प्रयास और नेताओं के इस्तीके के बीच कोई संबंध है कि नहीं यह कहना अभी मुश्किल है। मगर चुनावी बेला में दो वरिष्ठ नेताओं का पार्टी छोड़ना निःसंदेह कांग्रेस के हित में नहीं है।
लड़की हूं, लड़ सकती हूं का नारा देने वाली प्रियंका गांधी को उनके सलाहकार हरेन्द्र मलिक ने बड़ा झटका देते हुए पार्टी के सभी पदों के साथ पार्टी सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। यानि अब हरेन्द्र मलिक किसी भी रूप में कांग्रेस में शामिल नहीं हैं। वहीं यूपी कांग्रेस के उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक रहे पंकज मलिक ने भी हाथ का साथ छोड़ दिया है।
मिशन 2022 के लिए नया नारा लड़की हूं लड़ सकती हूं देने के कुछ घंटे बाद ही प्रियंका गांधी को यूपी में बड़ा झटका लगा है। प्रियंका गांधी के सलाहकार हरेंद्र मलिक ने पार्टी की सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। गौरतलब है कि हरेन्द्र मलिक एसीसीआई कार्यसमिति का सदस्य होने के साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के सलाहकार समिति का सदस्य और चुनाव अभियान समिति का सदस्य के रूप में कार्य कर रहे थे। उन्होेंने अपना इस्तीफा प्रियंका गांधी को भेज दिया है। पार्टी छोड़ने के कारणों पर हरेंद्र मलिक ने कहा कि 18 साल तक कांग्रेस में रहे हरेन्द्र मलिक ने आगे भी राजनीति करते रहने की बात कही। हालांकि उन्होंने विचारधारा अलग होने के कारण भाजपा में शामिल होने की बात से इंकार कर दिया।
हरेंद्र मलिक के साथ ही पूर्व विधायक पंकज मलिक ने भी पार्टी छोड़ दी है। पंकज इस समय यूपी कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष थे और कांग्रेस से विधायक रहने के साथ विधानमंडल के पूर्व उप नेता भी रहे हैं। पंकज मलिक ने भी प्रियंका गांधी को इस्तीफा भेजा है जिसमेे उन्होंने एआईसीसी यूपी उपाध्यक्ष और पार्टी की ओर से मिली अन्य सभी जिम्मेदारियों के साथ ही कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा देने की घोषणा की है।
हरेंद्र मलिक और पूर्व विधायक पंकज मलिक ने कांग्रेस छोड़ने के कारणाों का खुलासा अभी नहीं किया है। मगर जिस तरह से उन्होंने सभी पदों के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दिया है उससे साफ जाहिर है कि वह पार्टी नीतियों से नाखुश हैं। यूपी विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले इन दो वरिष्ठ नेताओं का एक साथ पार्टी छोड़ना पार्टी को परेशानी में डाल चुका है। सूत्रों की माने तो दोनों नेताओं की नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरेन्द्र मलिक और पंकज मलिक से संपर्क साधे हुए हैं।

