पूर्व सीएम ने कहा, किसान आंदोलन का उपयुक्त समाधान निकलने पर होगा गठबंधन
जालंधर। पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस छोड़ने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं का विराम देते हुए पंजाब में नयी पाॅलिटिकल पाॅर्टी बनाने का ऐलान किया है। कैप्टन ने कहा कि उनकी पार्टी अगले साल होने जा रहे पंजाब विधानसभा चुनाव में पूरे दम से उतरेगी। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल (बादल) से अलग हो चुके सुखदेव सिंह ढींडसा और रणजीत ब्रह्मपुरा के गुट को भी पार्टी से जोड़ने की बात कही। पूर्व सीएम ने कहा कि वह किसान आंदोलन का समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं। यदि भाजपा सरकार ने किसानों के हित में सही समाधान निकाला तो वह पंजाब विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन कर लेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान आंदोलन का हल निकालने के लिये केंद्र सरकार जल्द ही किसानों से वार्ता कर सकती है। किसान आंदोलन का समाधान होने के बाद उनकी पार्टी भाजपा के साथ गठबंधन कर सकती है। भाजपा के सांप्रदायिक पार्टी होने की बात से इंकार करते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि किसान आंदोलन से पहले पंजाब में भाजपा का विरोध नहीं था। पंजाब के हित में कार्य करने वाली भाजपा के साथ गठबंधन में कोई वैचारिक मतभेद आड़े नहीं आयेगा।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि आईएसआई और खालिस्तानी आतंकी स्लीपर सेल पंजाब में सक्रिय हैं और किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। पंजाब में ड्रोन के जरिए बाॅर्डर पार से हथियार, ड्रग्स और रुपए भेजा जाना चिंता का विषय है। उन्होंने किसी साजिश के रचे जाने का अंदेशा जाहिर करते हुए कहा कि वह इस संबंध में दिल्ली जाकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मिले थे।वहीं सिंधु बार्डर पर हुई हत्या को खौफनाक बताते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि मुझे नहीं लगता की लखबीर सिंह ने कोई बेअदबी की होगी। संभवत वह सुखा नाम के नशे में रहा हो जिसे निहंग लेते हैं।

