देश आज आज़ादी का 75वां जश्न मन रहा है, इस ख़ास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 9वीं बार लाल किले के प्राचीर से तिरंगा फहराया। यहीं से पूरे देश को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने आज लगभग सवा घंटे भाषण दिया, भाषण में उन्होंने बहुत से विशेष बातें कहीं, आज के दिन को आज़ादी के अमृतकाल की पहली सुबह बताया, अगले 25 वर्षों के लिए भारत का रोड मैप लोगों के सामने रखा, महिलाओं का सम्मान करने की सीख दी, ग़ुलामी के ज़रा से भी अंश को जड़ से मिटा देने की बात कही, आने वाले वर्षों के लिए पांच प्रण भी लिए. इन सबके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान नारे को और आगे बढ़ाते हुए उसमें जय अनुसंधान भी जोड़ा।
आज के भाषण में प्रधानमंत्री ने भारत को आज़ादी दिलाने और आज़ादी के बाद देश को बनाने वालों में अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के साथ ही जवाहरलाल नेहरू का भी नाम लिया, हालाँकि उनके लम्बे भाषण में केवल एकबार ही नेहरू जी का नाम आया. प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का ज़िक्र करते हुए कहा कि उन्होंने देश को जय जवान-जय किसान का नारा दिया था, बाद में अटल जी उसमें जय विज्ञान जोड़ा था और आज मैं उसमें इनोवेशन की ताकत का महत्त्व समझते हुए उसमें जय अनुसन्धान जोड़ना चाहता हूँ.
प्रधानमंत्री ने देश में अमृतकाल के आरम्भ पर देश के लोगों से अपील की वह हमारे साथ देश को तरक्की की ऊंचाइयों पर पहुँचाने के लिए पांच प्रण लेने का संकल्प लें, प्रधान मंत्री ने कहा कि देश को अब बड़े संकल्प लेना होगा, गुलामी के लेशमात्र अंश को ख़त्म करना होगा, अपनी विरासत पर गर्व करना होगा, एकता और एकजुटता का प्रण लेना होगा और देश के प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक देश के हर नागरिक को अपना कर्तव्य निर्वहन करना होगा।
प्रधानमंत्री ने देश में महिलाओं को अपमानित करने की बढ़ रही घटनाओं पर लोगों को फटकार लगाए हुए बोली और भाषा में संयम बरतने की बात कही. प्रधानमंत्री ने नारी के अपमान से मुक्ति का संकल्प लेने की बात कहते हुए कहा कि कुछ ग़लत शब्दों द्वारा हम नारी का अपमान करते हैं, क्या हम ऐसी हर बात से मुक्ति का संकल्प ले सकते हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि नारी के सम्मान में ही राष्ट्र का गौरव है.

