एक तरफ आज देश आज़ादी की 75वीं सालगिरह पर प्रधानमंत्री मोदी ने जहां 2047 में देश कैसा होगा लाल की प्राचीर से उस रोड मैप को बता रहे थे और उस रोड मैप को पूरा करने के लिए पांच प्रण ले रहे थे वहीँ मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गाँधी मोदी सरकार पर आरोप लगा रही थीं कि देश को आज़ाद कराने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों और उनके कामों को यह सरकार तुच्छ साबित करने पर तुली हुई है. झूठ और गलतबयानी का सहारा लेकर नेहरू-पटेल-आज़ाद जैसे महान राष्ट्रिय नेताओं को कटघरे में खड़ा कर रही है जिसे हरगिज़ स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए सोनिया गाँधी ने मौजूदा केंद्र सरकार को आत्ममुघ्ध सरकार बताते हुए कहा कि अपने राजनीतिक लाभ के लिए यह सरकार लगातार झूठ बोलकर इतिहास के तथ्यों को गलत तरीके से पेशकर देश के त्याग और बलिदान देने वाले नेताओं की छवि को धूमिल करने की लगातार कोशिश कर रही है. कोरोना से एकबार फिर संक्रमित सोनिया गाँधी का स्वतंत्रता दिवस पर यह सन्देश कांग्रेस पार्टी के ट्वीटर हैंडल पर पोस्ट किया गया है. इस सन्देश में कांग्रेस अध्यक्ष ने देशवासियों को आज़ादी कि 75वीं वर्षगांठ की शुभकामनाये देते हुए कहा कि भारत ने भाषा-धर्म-संप्रदाय की बहुलतावादी कसौटी पर सदैव खरा उतरने वाले एक अग्रणी देश के रूप में अपनी पहचान बनाई है.
बता दें कि प्रधानमंत्री ने आज लाल किले पर दिए अपने भाषण में भारत निर्माण करने वालों नेहरू जी का भी नाम लिया है और उन्हें स्वतंत्रता सेनानी भी कहा. बता दें कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कर्नाटक की भाजपा सरकार ने अख़बारों में एक विज्ञापन जारी किया था जिसमें देश की आज़ादी में बड़ा योगदान करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के नाम और फोटो छापे गए थे जिसमें नेहरू जी नदारद थे जब्कि सावरकर मौजूद थे. इसी तरह भाजपा की तरफ से 14 अगस्त को जारी एक वीडियो में देश के बटवारे के लिए नेहरू जी को मुख्य रूप से ज़िम्मेदार ठहराया गया था

