मेरठ। तीसरे चरण का मतदान खत्म – तीन चरण का चुनाव बीत जाने के बाद अब चौथे चरण के चुनावी मैदान में भाजपा ने मुस्लिम महिला मतदाताओं को साधने का काम शुरू का दिया है। विधानसभा चुनाव में अब भाजपा को उम्मीद है कि मुस्लिम महिला उसके पक्ष में वोट करेंगी। हालांकि पहले चरण के चुनाव से ही भाजपा ने मुस्लिम महिलाओं को प्रभावित करने की कोशिश की है। लेकिन लगता है भाजपा का दांव पहले तीन चरणों में फेस साबित हुआ है। लेकिन अब पार्टी को उम्मीद है कि आने वाले चरणों में तीन तलाक कानून को लेकर यह बताने की कोशिश की जाएगी कि भाजपा सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए काफी काम किए हैं। हालांकि इस बार भाजपा ने एक भी मुस्लिम प्रत्याशी को मैदान में नहीं उतारा है। रामपुर की जिस स्वार सीट से एकमात्र मुस्लिम उम्मीदवार को उतारा था वह भाजपा की सहयोगी अपना दल से आजम खान के बेटे के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। वहीं दूसरी ओर सपा और बसपा ने मुस्लिमों को टिकट देने में खूब दरियादिली दिखाई है। इस दरियादिली में कांग्रेस भी पीछे नहीं है। इन दलों ने मुस्लिमों को टिकट देकर वोट बैंक पर कब्जे का प्रयास किया है। यहीं कारण है कि मुस्लिम मतदाताओं पर सभी दलों की नजर है और सब के बीच घमासान भी मचा हुआ है।
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वहीं दूसरी ओर भाजपा को यह लगता है उसकी योजनाएं मुस्लिम समाज के लिए कारगर साबित होंगी और इन्हीं को लेकर मुस्लिम महिलाओं के वोट मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसी कारण जहां मुस्लिम वोट निर्णायक थे वहां पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने पसीना बहाया है। यहां तक कि भाजपा के स्टार प्रचारक प्रधानमंत्री मोदी ने भी जनसभा में कहा था कि मुस्लिम बहन, बेटियां हमारी नियत को जानती हैं। पीएम मोदी के इस बयान का मुस्लिम महिला मतदाताओं पर कितना असर पड़ेगा यह तो आने वाला वक्त बताएगा। अगर ऐसा होता है तो वाकई चमत्कार से कम नहीं होगा।

