गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों में मुलायम सिंह यादव के नाम ने लोगों को चौंका दिया था. लोगों को हैरानी थी कि अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलवाने का आरोप झेलने वाले सपा संस्थापक को भाजपा सरकार ने कैसे देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान के लिए उनका नाम शामिल किया। अब इस मामले पर शिवसेना का बयान आया है, शिवसेना के पूर्व प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इसे लेकर केंद्र की भाजपा सरकार के फैसले पर कड़ा विरोध जताया है.
शिवसेना ने निकला आक्रोश मार्च
शिवसेना सांसद ने कहा कि कारसेवकों की हत्या करवाने वाले मौलाना मुलायम सिंह को पद्म विभूषण देने पर हिंदू आक्रोशित होंगे। संजय राउत ने मुलायम सिंह को कारसेवकों का हत्यारा बताया है. बता दें कि शिवसेना मुलायम सिंह को पद्म विभूषण देने के खिलाफ आक्रोश मार्च निकाल रही है. शिवसेना सांसद ने भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए सवाल किया कि यह किसकी असफलता है जो 8 वर्षों तक हिंदू नेताओं के राज के बावजूद हिंदुओं के आक्रोश करना पड़ रहा है?
शिवसेना को बताया हिन्दू को एकमात्र आशा
शिवसेना सांसद ने आगे कहा कि इस आक्रोश मार्च ने साबित कर दिया कि शिवसेना भवन ही हिंदुओं का एकमात्र आशा स्थान है. बता दें कि मुलायम सिंह को दिए गए इस सम्मान पर पार्टी के मुखपत्र सामना में भी सवाल उठाए गए थे जिसमें कहा गया था कि मुलायम सिंह का सम्मान करने वाली मोदी सरकार दो हिंदू हृदय सम्राटों वीर सावरकर और बालासाहेब ठाकरे को भले ही भूल गई लेकिन जनता को इस घटना को याद रखना चाहिए. सामना में सवाल किया गया था भाजपा को ऐसी क्या ज़रुरत पड़ गयी जिसके कारण कारसेवकों के हत्यारे के तौर मरणोपरांत सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की जरूरत पड़ी। बता दें कि अयोध्या आंदोलन के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में कारसेवकों पर अंधाधुंध फायरिंग करवाई थी.

