प्रस्पा प्रमुख शिवपाल यादव ने 2024 का लोकसभा चुनाव अकेले ही लड़ने का एलान किया है, जिसका मतलब उनके और भतीजे शिवपाल यादव के रास्ते एकबार अलग हो गए हैं. शिवपाल के मुताबिक प्रगतिशील समाजवादी पार्टी सिर्फ उन्ही सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी जहाँ पर उसके जीतने के अवसर ज़्यादा होंगे। शिवपाल की इस बात के एलान का यह भी मतलब निकाला जा सकता है कि वो अगले लोकसभा चुनावों में उनके अपने गढ़ में साइकिल की हवा निकाल सकते हैं क्योंकि शिवपाल यादव का भी कार्य क्षेत्र वही इलाके हैं जो परंपरागत तौर पर सपा के मज़बूत क्षेत्र माने जाते हैं.
जसवंत नगर सीट से साइकिल के निशान पर विधायक बनने वाले शिवपाल यादव ने आज प्रेस से बात करते हुए बताया कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी ने संगठन को मज़बूत करने की तैयारी शुरू कर दी है. उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपने दम पर लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है, उन्होंने कहा कि प्रदेश में उन सीटों को चिन्हित किया जा रहा जहा पार्टी का मज़बूत जनाधार है. शिवपाल ने कहा पार्टी केवल उन्हीं सीटों पर चुनाव लड़ेगी जहाँ पर जीत की उम्मीद होगी, पारी हर सीट पर फ़र्ज़ी रूप से पाने उम्मीदवार नहीं उतारेगी. शिवपाल यादव से जब यह पूछा गया कि क्या वो मैनपुरी से चुनाव लड़ेंगे या उम्मीदवार उतारेंगे तो उन्होंने कहा कि समय आने पर इसका जवाब दिया जायेगा, अभी किसी एक सीट की बात करना बेकार है.
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शिवपाल से जब आज से शुरू हुए समाजवादी पार्टी सदस्यता अभियान पर प्रतिक्रिया ली गयी तो उन्होंने कहा कि वो क्या कर रहे हैं हमें नहीं मालूम, हमें सिर्फ अपने बारे में मालूम अहइ और अपने बारे में बात करनी है और हम क्या करने जा रहे हैं यह हमने आप लोगों को बता दिया है. बता दें कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पार्टी की सभी यूनिटों को भंग कर दिया है, सिर्फ उत्तर प्रदेश के पार्टी अध्यक्ष नरेश उत्तम को ही बरकरार रखा गया है. वहीँ अखिलेश यादव ने आज से पार्टी के सदस्यता अभियान की शुरुआत की है.

